पटनाः बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के एमएलसी कैंडिडेट नीरज कुमार का खुला विरोध मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को हद से ज्यादा भारी पड़ने लगा है। ऐसा लगता है कि पिछले 48 घंटे में अनंत सिंह पर आफत ही टूट पड़ी है। रविवार की शाम अनंत सिंह और उनकी पूर्व एमएलए पत्नी नीलम देवी को जदयू ने निकाल दिया। सोमवार की सुबह नीलम देवी को बीस सूत्री समिति से हटा दिया गया, इसलिए उप-मंत्री का दर्जा भी चला गया। सोमवार शाम में नीलम को वो बंगला खाली करने का नोटिस भी मिल गया, जिसमें अनंत सिंह कई साल से रह रहे हैं। अब शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में दुलारचंद यादव की हत्या के केस में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द करने की अपील पर महत्वपूर्ण सुनवाई है। संयोग से 30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव की पहली बरसी भी है, जिनकी हत्या 2025 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान इसी तारीख पर हुई थी।
बिहार विधानसभा के चुनाव में अनंत सिंह जेडीयू के कैंडिडेट थे और जन सुराज पार्टी के कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी के लिए मोकामा टाल के पुराने दबंग दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे। घटना वाले दिन दोनों का काफिला आमने-सामने हो गया, जिस दौरान दुलारचंद यादव की निर्मम हत्या कर दी गई। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। जेल में बंद रहते अनंत ने यह चुनाव जीता। पटना हाईकोर्ट से मार्च में जमानत मिलने के बाद वो बाहर आए थे। अनंत सिंह की जमानत को दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया था। नीरज की मांग है कि अनंत सिंह की जमानत रद्द कर उनको जेल भेजा जाए। इस कानूनी लड़ाई में नीरज के साथ खड़े पीयूष प्रियदर्शी ने लाइव हिन्दुस्तान से कहा- ‘सुप्रीम कोर्ट पर हमें पूरा भरोसा है। उम्मीद है कि हमारे दुलारचंद चाचा को न्याय मिलेगा।’

बिहार सरकार के हलफनामा में अनंत सिंह पर प्रतिकूल टिप्पणी
नीरज ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में बिहार सरकार को पार्टी नंबर 1 और अनंत सिंह को पार्टी नंबर 2 बनाया है। राज्य सरकार ने 24 अक्टूबर को जवाबी हलफनामा दायर किया है। इस एफिडेविट में अनंत सिंह के खिलाफ पर्याप्त प्रतिकूल टिप्पणी है। सरकार ने कोर्ट से कहा है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में पुलिस की जांच में अनंत सिंह और अन्य कुछ अभियुक्तों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। हलफनामा में जांच की एसडीपीओ और एसपी स्तर पर सुपरविजन का हवाला देते हुए जनवरी 2026 में अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के खिलाफ चार्जशीट दायर होने की जानकारी दी गई है।
अनंत सिंह पर दर्ज हैं 62 क्रिमिनल केस, राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने अपनी याचिका में कोर्ट से कहा था कि पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देने में उनके ही द्वारा घोषित 67 आपराधिक मामलों के इतिहास पर गौर नहीं किया। राज्य सरकार के जवाबी हलफनामा में सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि अनंत सिंह की भयानक क्रिमिनल हिस्ट्री है और उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, वसूली, आर्म्स एक्ट की धाराओं में 62 केस दर्ज हैं। दुलारचंद यादव के पोते नीरज ने हत्या के बाद कहा था कि वो दादा की हत्या में शामिल लोगों को सजा दिलवाकर ही चैन की सांस लेंगे।







