रांची : द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आइसीएआइ) द्वारा सितंबर 2026 में आयोजित चार्टर्ड अकाउंटेंसी इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम 22 अक्टूबर को घोषित कर दिया गया। भारत एवं भारत से बाहर कुल 583 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 160887 परीक्षार्थियों ने भाग लिया, जिसमें प्रथम ग्रुप में 23.14 प्रतिशत, द्वितीय ग्रुप में 18.92 प्रतिशत तथा दोनों ग्रुप में सम्मिलित परीक्षार्थियों में से 13.21 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल घोषित हुए हैं। अखिल भारतीय स्तर पर मुंबई के नील राजेश शाह और नासिक की साक्षी चांडक ने 600 अंकों में से 502 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
वहीं, चेन्नई की श्रुति वी. ने 492 अंक प्राप्त कर द्वितीय तथा सूरत के प्रेम अग्रवाल ने 490 अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया है। घोषित परिणाम के अनुसार, रांची परीक्षा केंद्र के विद्यार्थियों का प्रदर्शन शानदार रहा है। रांची केंद्र से दोनों ग्रुप में सम्मिलित कुल 122 परीक्षार्थियों में से 14 अभ्यर्थी दोनों ग्रुप में तथा क्रमश: प्रथम ग्रुप में 18 और द्वितीय ग्रुप में 3 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इसके अतिरिक्त केवल प्रथम ग्रुप में सम्मिलित 320 परीक्षार्थियों में से 73 तथा केवल द्वितीय ग्रुप में सम्मिलित 133 परीक्षार्थियों में से 34 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। रांची परीक्षा केंद्र स्तर पर रूद्र राज डौन ने 600 अंको में से 423 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान, तंजील कौसर ने 364 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान, सिद्धार्थ जैन ने 352 अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान, दक्ष खोवाल ने 346 अंक प्राप्त कर चतुर्थ स्थान और आर्यन कुमार मिश्रा ने 344 अंक प्राप्त कर पांचवा स्थान प्राप्त किया है।

इस अवसर पर आइसीएआइ रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अनीश जैन उपाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, सचिव सीए दिलीप कुमार, कोषाध्यक्ष और स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए हरेन्दर भारती, कार्यकारिणी सदस्य सीए अभिषेक केडिया, सीए भुवनेश कुमार ठाकुर और सीए निशांत मोदी ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आइसीएआइ के प्रेसिडेंट सीए प्रसन्न कुमार डी. ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते कहा, मैं सीए इंटरमीडिएट परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देता हूं। आपकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने आपको आपके सपनों के एक कदम और करीब ला दिया है। जीवन के प्रत्येक चरण में इसी समर्पण, लगन और उत्कृष्टता की भावना को बनाए रखें। आप अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज, पेशे एवं राष्ट्र की प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए करें।





