रामगढ़ः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म को लेकर पिछले दो सप्ताह से नेमरा में है। श्राद्धकर्म और अस्थि विजर्सन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विकास कार्यो का जायजा लेने मंगलवार को कसमार गए। वहां बरलंगा-कसमार रोड़ का जायजा लेने के बाद अचानक तीनकोनिया चौक स्थित कुणाल जायसवाल के होटल में अपनी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ पहुंच गए। कसमार की गलियों में राज्य के मुख्यमंत्री को एक आम आदमी की तरह छोटे होटल में बैठे देख वहां मौजूद लोग एक पल के लिए हैरान रह गए।

मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM ने बोकारो जिले में निर्माणाधीन कसमार-बरलंगा सड़क का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति एवं क्षेत्रीय आवागमन की सुविधाओं का अवलोकन किया।
@BokaroDc @bokaropolice https://t.co/kLeoz1Fafm— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) October 20, 2026
विधायक पत्नी ने खुद बनाई चाय, जीता सबका दिल
इस दौरान होटल के भीतर का माहौल पूरी तरह पारिवारिक और आत्मीय नजर आया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने होटल में बैठकर करीब आधे घंटे तक स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया। इस दौरान उन्होंने गरमा-गरम चाय और पकौड़ियों का स्वाद लिया। सबसे खास आकर्षण रहीं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, जिन्होंने एक आम गृहिणी की तरह खुद चूल्हा-चौकी संभाली। उन्होंने अपने हाथों से चाय बनाई और मुख्यमंत्री के साथ-साथ चाय का आनंद लिया। उनका यह सादगी भरा अंदाज देखकर होटल में मौजूद हर शख्स कायल हो गया।
उमड़ी भीड़, सेल्फी और वीडियो के लिए मची होड़
जैसे ही इलाके के लोगों को यह खबर मिली कि मुख्यमंत्री उनके बीच एक छोटे से होटल में रुके हैं, होटल के बाहर देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपने चहेते नेताओं की एक झलक पाने, उनके साथ सेल्फी लेने और अपने मोबाइल में वीडियो कैद करने के लिए बेताब दिखे। होटल के अंदर से लेकर बाहर सड़क तक लोगों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों को भी भीड़ संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
नेमरा के लिए पैक कराईं पकौड़ियां और जलेबियां
होटल में आधा घंटा समय बिताने के बाद सीएम सोरेन और कल्पना सोरेन ने चाय-पकौड़ी के साथ-साथ ताजी जलेबियों का भी आनंद लिया। जाते-जाते उन्होंने रास्ते के लिए आलू चोप, विशेष पकौड़ियां और गरमा-गरम जलेबियां पैक करवाईं और उन्हें अपने साथ अपने पैतृक गांव नेमरा ले गए। इसके बाद वे कसमार-नेमरा मार्ग से होते हुए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर गए। मुख्यमंत्री के इस सरप्राइज विजिट ने होटल संचालक कुणाल जायसवाल और कसमार के स्थानीय लोगों के इस दिन को बेहद यादगार बना दिया।





