रामगढ़ः नेमरा में दिवंगत रूपी सोरेन के संस्कार भोज में भारी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजन को लेकर गोला चौक से बरलंगा तक मुख्य सड़क पर अस्थायी डिवाइंडर लगाये गये। सड़क के दोनों ओर करीब 100 सुरक्षा पोस्ट बनाये गये ताकि किसी को भी आवागमन में परेशानी नहीं हो। बरलंगा चौक से नेमरा के पैतृक आवास तक करीब सात किमी के रास्ते में लोगों की आवाजाही के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। लुकैयाटांड समेत आसपास के चार मैदानों में पार्किंग की व्यवस्था की गई। सात जगहों पर चेकपोस्ट बनाया गया है। लोगों को लाने-ले जाने के लिए 500 से अधिक टोटो, ऑटो, टेंपो की व्यवस्था की गई है। लुकैयाटांड में गाड़ी पार्क करने के बाद लोग ऑटो-टोटो से नेतरा तक पहुंच रहे है।


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज के लिए पांच जोन में पंडाल बनाये गये हैं, जहां लोगों ने भोजन ग्रहण किया। मुख्यमंत्री इस दौरान खुद एक-एक पंडाल घुमकर भोज में शामिल होने आये लोगों को खाना खिलाते नजर आए। बुजुर्गो-बच्चों की किसी तरह कि परेशानी न हो इसका खुद मुख्यमंत्री ख्याल रखते नजर आए। भोज में शामिल होने आये लोगों से व्यक्तिगत तौर पर फीडबैक मुख्यमंत्री लेते रहे।

संस्कार भोज में आम-लोगों के साथ-साथ कई खास लोग भी शामिल हुए। सरकार के कई मंत्री, विधायक और सांसद भी नेमरा में हुए संस्कार भोज में शामिल हुए। यहीं नहीं योग गुरु बाबा रामदेव हेलीकाप्टर से नेमरा पहुंचे और स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन से मुलाकात कर मां के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने श्राद्धकर्म में शामिल हुए परिवार के सदस्यों को यादगार के तौर पर कपड़े दिये। पुरूषों को गंजी और धोती और महिलाओं को साड़ी देकर नेग की रस्म पूरी की।





