डेस्कः कोलकाता में चोरबागन के दुर्गा पंडाल में भगदड़ मच गई। 15 लोग घायल हो गए। कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। आशंका है कि घायलों की संख्या और बढ़ सकती है। एक सूत्र के मुताबिक, यह घटना किसी ढांचे (स्ट्रक्चर) के ढहने की वजह से हो सकती है।
घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। घायलों में कइयों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पूजा आयोजक इस संकट को संभालने के लिए तुरंत काम कर रहे हैं। खबर मिलते ही पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारी मौके पर पहुंच गए।घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं। घटना के समय बाहर तेज बारिश हो रही थी। बारिश के बीच पंडाल में दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि पंडाल का ढांचा टूटने के कारण भी यह हादसा हुआ हो सकता है।

घटना के बाद पूजा पंडाल की रोशनी बंद कर दी गई और बाहर निकलने के रास्ते भी बंद कर दिए गए। फिलहाल घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। पूजा के आयोजक विकास दास ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा कैसे हुआ। उनकी प्राथमिकता घायलों को अस्पताल पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भीड़ के दबाव में लोग कुचल गए या किसी अन्य कारण से यह स्थिति बनी, यह अभी साफ नहीं है। घटनास्थल पर पुलिस और दमकलकर्मियों के पहुंचने की बात भी उन्होंने कही।
চোরবাগান পুজোয় ভয়ঙ্কর দুর্ঘটনা। উদ্বেগজনক খবর আসছে। প্রশাসন অবিলম্বে সর্বোচ্চ গুরুত্ব দিয়ে দেখুন। আমরা খবর রাখছি। মিডিয়াকে সঠিক খবর প্রচারে যেন বাধা দেওয়া না হয়। তবে এলাকা ফাঁকা করতে সাহায্য করুন। দর্শকরা এখন ওদিকে যাবেন না। ভুল খবরে আতঙ্ক ছড়াবেন না। আবার ঘটনা চাপতে গিয়ে https://t.co/ashdpa7iJP
— Keegan (@keegan3198) October 17, 2026
मंडप का एक हिस्सा गिरने से हुई दुर्घटना
एक दर्शनार्थी ने कहा, मैंने सुना कि मंडप का एक हिस्सा गिर गया था। सब लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। वे गिर रहे थे, और कुचले गए। लोकल रहने वालों और विज़िटर्स ने यहां भीड़ कंट्रोल के इंतजाम पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि यहां हज़ारों वॉलंटियर और पुलिस थी।लेकिन पहले कोई कदम नहीं उठाया गया। इतनी बड़ी घटना हो रही है। हम इसे अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं।
कोलकाता पुलिस की एक गाड़ी वहां खड़ी थी, पुलिस ने कुछ नहीं किया। हम लोकल लोगों ने किया। पूजा कमिटी का कोई भी आदमी नहीं दिखा। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इतनी बड़ी पूजा के लिए वहां कोई एम्बुलेंस नहीं थी।
पूजा कमेटी पर लापरवाही का आरोप
आस-पड़ोस के लोगों की पार्क की हुई कारों को भी हटा दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अगर वे कारें वहां होतीं, तो कम से कम 10 लोगों को बचाया जा सकता था। व्यवस्था सिर्फ़ VIP और मेहमानों के लिए की गई है। आम लोगों के लिए नहीं। चोरबागान मंडप में पंडाल के बाद, एक गोले जैसा ‘ऊंचा गलियारा’ है। मंडप से बाहर निकलने के लिए वहां से 360 डिग्री घूमना पड़ता है। शुरू में बताया गया है कि हादसा उसी कॉरिडोर में हुआ था।






