रांचीः जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में धांधली मामले में सीआईडी ने बोकारो से एक अन्रू अरोपित को गिरफ्तार किया। सीआईडी ने अब प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी आईसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह के बेहद करीबी एजेंट और इस मामले के अप्राथमिकी अभियुक्त मिथिलेश कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि बोकारो के हरला थाना क्षेत्र निवासी मिथिलेश पांडेय एजेंसी संचालक से सीधे तौर पर संपर्क में थाी। उसने तीन-चार अभ्यर्थियों से भारी-भरकम राशि वसलूकर बोकारो के दुग्धा इलाके में प्रश्नों के उत्तर रटवाए थे। सीआईडी ने तकनीकी साक्ष्यों और पूर्व में पकड़े गए आरोपियों के बयानों के आधार पर यह कार्रवाई की। मिथिलेश कुमार पांडेय ने उक्त अभ्यर्थियों से मोटी रकम भी वसूली थी, जिससे संबंधित साक्ष्य सीआईडी को मिले हैं। सीआईडी ने उन्हें रांची में पूछताछ के क्रम में गिरफ्तार किया है।
सीआईडी एक दिन पहले मिथिलेश सिंह के रिश्तेदार रितेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था, जिसपर 30 से अधिक अभ्यर्थियों की सेटिंग करने, उन्हें बोकारो के दुग्धा में ले जाकर प्रश्न व उत्तर रटवाने का आरोप था।दो दिनों के भीतर बोकारो से सीआईडी ने दो गिरफ्तारियां कर ली है। दोनों पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उनकी सेटिंग कराने का आरोप है। सेटिंग से मिले पैसे दोनों ने आइसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह तक पहुंचाया था।जुलाई के बाद यह 22वीं गिरफ्तारी है।

आईसीएन के दो कर्मियों की गिरफ्तारी
सीआईडी ने परीक्षा संचालन से जुड़े दो कर्मियों सोमांश प्रकाश व राहुल की गिरफ्तारी की थी। दोनों से रिमांड पर पूछताछ में परीक्षा में अनियमितता से जुड़े सिंडिकेट के बारे में जानकारी मिली।इसके बाद ही सीआईडी उस सिंडिकेट के संदिग्धों का पहले सत्यापन कर रही है और सत्यापन में उनकी संलिप्तता उजागर होते ही उन्हें गिरफ्तार कर रही है।



