लोहरदगा : जिले के सदर थाना क्षेत्र के कुजरा गांव में रविवार रात घरों के आसपास एक जंगली जानवर दिखाई देने की सूचना के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अंधेरे में कुछ सेकेंड तक नजर आए वन्यजीव को देखने के बाद लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। ग्रामीणों की ओर से बनाए गए फोटो के आधार पर वन विभाग ने प्रारंभिक तौर पर इसे चीता बताया है। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट करने के लिए विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। फिलहाल कुजरा गांव में वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। वन विभाग तस्वीर और स्थानीय सूचना के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रहा है।
घर के पास दिखा जानवर, कैमरे में कैद करने का प्रयास
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार रात इरशाद अंसारी के घर के समीप कुछ लोगों की नजर अचानक एक जंगली जानवर पर पड़ी। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा होने लगी। ग्रामीणों ने मोबाइल से उसकी तस्वीर लेने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही सेकेंड में वह अंधेरे का फायदा उठाकर नजरों से ओझल हो गया। वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में पहुंचने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। लोग देर रात तक सतर्क रहे और अकेले घर से बाहर निकलने से बचते नजर आए।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
ग्रामीणों की सूचना पर प्रभारी फारेस्टर विक्की कुमार मेहता मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वन्यजीव के दिखाई देने की पूरी जानकारी ली और सामने आई तस्वीरों को भी देखा। उन्होंने बताया कि फोटो के आधार पर प्रथम दृष्टया जानवर चीता प्रतीत हो रहा है। विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। उन्होंने संभावना जताई कि वन्यजीव बगडू-पेशरार क्षेत्र के जंगलों से निकलकर आबादी वाले हिस्से में पहुंचा हो और कुछ देर बाद वापस जंगल की ओर चला गया हो। फिलहाल वन विभाग की ओर से क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
वन्यजीव दिखे तो नजदीक जाने की भूल न करें
प्रभारी फारेस्टर ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी जंगली जानवर के दिखाई देने पर लोग उसके करीब जाकर फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास न करें। भीड़ लगाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। उन्होंने ग्रामीणों से किसी भी अपुष्ट सूचना को प्रसारित नहीं करने की भी अपील की। वन विभाग के अनुसार लोहरदगा और लातेहार के वन क्षेत्र आपस में जुड़े हुए हैं। इन जंगलों में विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।





