गढ़वा : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को जिले के बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय, फरठिया में आयोजित प्रथम दीक्षा समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान एमडीएस, बीडीएस, बीएससी पैथोलाजी एवं डीफार्मा के 103 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। वहीं दो प्रख्यात हस्तियों को मानद उपाधि से विभूषित किया गया। दीक्षा समारोह के बाद राज्यपाल श्रीबंशीधर नगर पहुंचे, जहां प्रसिद्ध भगवान वंशीधर मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
दीक्षा समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवाओं का ज्ञान केवल उनके व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास के लिए भी होना चाहिए। यही शिक्षा की प्राथमिक सफलता होगी।
उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल टेक्नोलाजी समेत अनेक वैज्ञानिक उपलब्धियां हमारे जीवन एवं कार्य करने के तरीके को तेजी से बदल रही हैं। ऐसे समय में नई चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ साहस का होना भी जरूरी है। विद्यार्थियों का आचरण, उनकी उपलब्धियां और समाज के प्रति उनकी भूमिका आने वाले समय में विश्वविद्यालय की पहचान बनेगी।
राज्यपाल ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की पहचान केवल उसकी भावनाओं से नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपलब्धियों, शोध, नवाचार एवं समाज के प्रति उनके योगदान से बनती है। गांवों एवं छोटे शहरों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उचित अवसर, मार्गदर्शन एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि गढ़वा की धरती की अपनी विशिष्ट पहचान है। यहां प्रकृति, संस्कृति, लोकजीवन एवं आस्था की समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। गढ़वा में स्थित श्री बंशीधर मंदिर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है। यह गौरव का विषय है कि ऐसी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक भूमि पर बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय नई पीढ़ी के भविष्य का निर्माण कर रहा है।राज्यपाल ने विश्वास जताया कि बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा, शोध, नवाचार, कौशल विकास, उद्यमिता एवं सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हासिल करेगा।







