साहिबगंज सदर अस्पताल में CS ने मारा छापा, डॉक्टर नदारद, निजी क्लिनिक में मिले 30 मरीज

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September 12, 2026

साहिबगंज सदर अस्पताल में CS ने मारा छापा, डॉक्टर नदारद, निजी क्लिनिक में मिले 30 मरीज

साहिबगंज : साहिबगंज सदर अस्पताल में चिकित्सकों की ड्यूटी को लेकर शनिवार को बड़ा मामला सामने आया। सुबह ओपीडी निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डा. रामदेव पासवान को निर्धारित समय तक महज एक चिकित्सक ड्यूटी पर मिला। मरीजों और उनके परिवार वालों की शिकायत के बाद जब सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा. देवेश कुमार की तलाश की गई तो वह अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। इसके बाद सिविल सर्जन डा. रामदेव पासवान ने उनके निजी क्लिनिक पर छापेमारी कर दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र स्थित तेजस्विनी अल्ट्रासाउंड एवं क्लिनिक पहुंची तो वहां करीब 25 से 30 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के इंतजार में मिले। हालांकि, डा. देवेश कुमार क्लिनिक में मौजूद नहीं थे। सिविल सर्जन ने मरीजों से जानकारी लेने के साथ क्लिनिक परिसर में संचालित दवा दुकान और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित दस्तावेज मांगे। टीम के समक्ष संबंधित कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। गौरतलब है कि हाल में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि सरकारी ड्यूटी के दौरान कोई चिकित्सक निजी प्रैक्टिस नहीं करेगा। उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसी क्रम में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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ड्यूटी के दौरान निजी प्रैक्टिस पर पहले ही चेतावनी
सिविल सर्जन डा. रामदेव पासवान ने बताया कि सदर अस्पताल में सुबह 11:45 बजे तक केवल एक चिकित्सक ओपीडी में कार्यरत मिला। यदि कोई चिकित्सक अवकाश पर है तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपाधीक्षक को सप्ताह में एक दिन ओपीडी में मरीजों को देखना है, लेकिन अब तक उनके द्वारा इसका पालन नहीं किया गया है।
डा. रामदेव पासवान के अनुसार, मरीजों से मिली शिकायत के आधार पर उपाधीक्षक के निजी क्लिनिक की जांच की गई। मामले की जानकारी उपायुक्त और स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है। उपाधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगे जाने की भी बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।

उपाधीक्षक ने कार्रवाई को बताया गलत
इधर, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा. देवेश कुमार ने सिविल सर्जन की इस कार्रवाई को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले को उचित मंच पर रखेंगे। स्वास्थ्य विभाग अब निरीक्षण में सामने आए तथ्यों और संबंधित पक्ष के स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।

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