जहानाबाद: मनरेगा योजना के काम के सत्यापन के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत लेना सदर प्रखंड में तैनात कनीय अभियंता अमन कुमार को भारी पड़ गया। निगरानी विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर के अंबेडकर चौक के समीप एक होटल में उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई रोजगार सेवक अशोक कुमार की शिकायत पर हुई। गिरफ्तारी के बाद विभागीय महकमे में हड़कंप मच गया।
20 हजार की मांगी गई थी रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, जामुक पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों के सत्यापन के बदले जेई अमन कुमार ने रोजगार सेवक अशोक कुमार से 35 हजार रुपये की डिमांड की थी। इसके बाद 20 हजार रुपए पर बात फाइनल हो गई।
पिछले महीने दर्ज करायी गई थी शिकायत
रिश्वत की मांग से परेशान रोजगार सेवक अशोक कुमार ने 20 अगस्त को इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की।शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने पर निगरानी विभाग ने आरोपी जेई को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

होटल से हो गई गिरफ्तारी
पूर्व निर्धारित योजना के तहत मंगलवार को होटल में रिश्वत की रकम देने का कार्यक्रम तय किया गया। अमन कुमार जैसे ही होटल पहुंचे और रोजगार सेवक से 20 हजार रूपए लिए, पहले से मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से होटल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हर एंगल को खंगाल रही निगरानी की टीम
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी जेई को अपने साथ लेकर गई और उनसे पूछताछ शुरू की। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है, कि रिश्वत मांगने और लेने के मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।





