रांचीः जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर जांच के दौरान सीआईडी ने बड़ा खुलासा किया है। सीआईडी को जांच के दौरान पता चला है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी का मास्टरमाइंड मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी अपने पिता को भी अधिकारी बनाना चाहता था। जांच में जेपीएससी और जेएसएससी के मास्टरमाइंड TDPL के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी ने अपने भाई, भाभी, साला, साली और पत्नी के अलावा अपने पिता को भी सेटिंग के जरिए परीक्षा दिलाई थी। CID की जांच में सामने आया है कि अभय तिवारी के पिता सुखदेव तिवारी ने वर्ष 2024 में TDPL के माध्यम से आयोजित JPSC की FRO और ACF PT परीक्षा दी थी।

सीआईडी ने इससे पहले अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमार और भाई अक्षय कुमार तिवारी को 18 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। अक्षय तिवारी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्तमान में झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत था। उसने 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा भी पास कर ली थी। वहीं, अभय तिवारी की पत्नी सुष्मिता तिवारी ने भी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण की थी और वर्तमान में वित्त विभाग में नौकरी में थी। दोनों ने जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा पास की थी और नौकरी कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने जेपीएससी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की थी, जिस पर अवैध ढंग से लाभ लेने का आरोप है।







