रांचीः झारखंड के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू नहीं रहे । झारखंड के एक और शिक्षा मंत्री की पद पर रहते हुए मौत हो गई । इससे पहले जेएमएम के विधायक और शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और रामदास सोरेन की मौत हो चुकी है । पिछले 4 वर्षों के दौरान तीन मंत्रियों की मौत ने झारखंड के शिक्षा मंत्री के पद को एक तरह से ‘मनहूस’ बना दिया है ।
शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की मौत
डुमरी से चार बार के विधायक और हेमंत सोरेन सरकार के दौरान 2019 में शिक्षा मंत्री बने जगरनाथ महतो का निधन 6 अप्रैल 2023 को हो गया था । कोराना काल के दौरान उनकी तबीयत खराब हुई थी और करीब दो साल इलाज के बाद ठीक हो तो हो गए थे लेकिन अचानक तबीयत खराब हुई और 6 अप्रैल 2023 को निधन हो गया । वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता और आंदोलनकारी थे । डुमरी में उन्हें हराना नामुमकिन जैसा था ।


शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की भी पद रहते निधन
जगरनाथ महतो के बाद रामदास सोरेन घाटशिला से तीन बार के विधायथ थे । जगरनाथ महतो के निधन के बाद उन्हें शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी मिली लेकिन 2025 में बाथरुम में गिरने की वजह से सिर में चोट लगी और उन्हें एयर एंबुलेंस की जरिए दिल्ली ले जाया गया । मगर उन्हें नहीं बचाया जा सका । रामदास सोरेन का निधन 15 अगस्त 2025 को हुआ । रामदास सोरेन भी झारखंड आंदोलनकारी रहे थे ।
शिक्षा मंत्री सुदिव्य सोनू का भी निधन
रामदास सोरेन के बाद झारखंड के शिक्षा मंत्री का पदभार गिरिडीह से विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने संभाला । पद संभाले हुए एक साल ही हुए थे कि काल ने असमय उन्हें छीन लिया । सुदिव्य सोनू को मुख्यमंत्री हेमतं सोरेन का चाणक्य माना जाता था । वे मुखर वक्ता थे । विधानसभा से लेकर सड़क तक वे पार्टी और सरकार का बचाव करते हुए नजर आते थे।
2023 से 2026 तक झारखंड के तीन शिक्षा मंत्री बने और तीनों की मौत हो गई । इस दुर्योग की वजह से झारखंड के शिक्षा मंत्री की कुर्सी मनहूस कहलाने लगी है । राजनीतिक गलियारों में भी लोग तरह-तरह की बातें करने लगे हैं । अब देखना ये है कि झारखंड का अगला शिक्षा मंत्री कौन होगा । अंधविश्वास की वजह से क्या कोई शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी लेने के लिए आसानी से आगे आएगा ।




