जेपीएससी भर्ती घोटालाः टीडीपीएल निदेशक ने कहा-ख्यांग्ते और गुप्ता को दी थी गड़बड़ी की जानकारी, फिर भी धमेंद्र ने बनाया दवाब

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September 2, 2026

जेपीएससी भर्ती घोटालाः टीडीपीएल निदेशक ने कहा-ख्यांग्ते और गुप्ता कोद दी थी गड़बड़ी की जानकारी, फिर भी धमेंद्र ने बनाया दवाब

रांचीः जेपीएससी परीक्षाओं में हुई अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी को गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह ने सीआईडी को बताया कि तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की गोपनीय शाखा में पदस्थापित कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार ने उन पर 10 से 12 अभ्यर्थियों का एफआरओ और पीसीएफ में अवैध चयन कराने और पेपर लीक करने का दबाव बनाया था।

रामवीर के मुताबिक, उन्होंने धर्मेंद्र के कहने पर गलत काम करने से इनकार कर दिया और साफ कहा कि जो भी होगा, आयोग के दायरे में रहकर होगा। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी तत्कालीन चेयरमैन एल. ख्यांग्ते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को दे दी थी। इसके बावजूद धर्मेंद्र लगातार उन पर गलत तरीके से कैंडिडेट पास कराने का दबाव बनाता रहा।

रामवीर ने बयान में बताया कि धमेंद्र के पास दलालों और एजेंटों की लंबी कतार लगी रहती थी। अभ्यर्थियों के चयन को लेकर उन पर लगातार दवाब बनाया जाता था। धमेंद्र बात-बात पर जेपीएससी चेयरमैन एल ख्यांग्ते को फोन मिलाता और अपना रसूख दिखाता था। विवाद बढ़ने पर एक बार रांची के हिनू चौक स्थित शनि मंदिर के पास रामवीर और धमेंद्र के बीच जमकर झगड़ा भी हुआ। रामवीर के अनुसार, धमेंद्र और लालपुर स्थित शिवांगन कोचिंग से जुड़े रवि कुमार मिलकर धमकी देते थे कि हमारे कैंडिडेट का चयन नहीं करोगे तो जेल भिजवा देंगे और तुरंत झारखंड से बाहर करवा देंगे। दवाब बनाने के लिए रवि एक बार जेपीएससी कार्यालय के मुख्य गेट तक भी पहुंच गया था। धमेंद्र खुद को ख्यांग्ते का करीबी स्टाफ बताकर रामवीर से 3-4 बार मीटिंग भी कर चुका था।
सिविल जज पीटीः 200 अभ्यर्थी बाहर, 200 नए सूची में- रामवीर ने सीआईडी को बताया कि सिविल जज पीटी परीक्षा उनकी एजेंसी ने नहीं कराई थी। मेरिट लिस्ट तीसरी एजेंसी ने जारी की थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दो प्रश्न हाटए गए। इसके बाद टीडीपीएल ने संशोधित मेरिट लिस्ट जारी की। इस बदलाव से पहले से चयनित 200 अभ्यर्थी मेरिट से बाहर हो गए, जबकि 200 नए मेरिट लिस्ट में आ गए। इसके बाद एफआरओ व पीसीएफ परीक्षा में धमेंद्र ने 10-12 छात्रों को पास कराने की सौदेबाजी शुरू की थी।
अभय के इनपुट पर धमेंद्र धराया, रवि पर शिकंजे की तैयारीः अभय तिवारी से मिले इनपुट के बाद सीआईडी ने 11 अगस्त को धमेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। धमेंद्र ने जमानत याचिका दाखिल की है। 2 सितंबर को सुनवाई होनी है। वहीं इस सिंडिकेट की अहम कड़ी और शिवांगन कोचिंग से जुड़े रवि कुमार पर भी जल्द शिकंजा कस सकता है।

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