काठमांडू: नेपाल के रसुवा जिले के भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल के गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण (NDRRMA) की ओर से जारी अपडेट में बड़े पैमाने पर मानवीय क्षति और लापता लोगों की जानकारी दी गई है।
प्राधिकरण के अपडेट के मुताबिक अब तक 675 लोगों के शव मिलने की सूचना है, जबकि 119 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। दस्तावेज में कुल 5,414 लोगों के रेस्क्यू का उल्लेख किया गया है।

2,485 लोग अब भी लापता
रिपोर्ट के अनुसार 2,485 लोग अभी संपर्कविहीन हैं। इनमें नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के अलावा बड़ी संख्या में आम नागरिक और विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
प्राधिकरण के मुताबिक विदेशी नागरिकों के हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान भी चलाया गया है। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है और घायलों का उपचार जारी है।

राहत सामग्री पहुंचाने के लिए डिजिटल व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित रसुवा-भोटेकोशी क्षेत्र में राहत सामग्री की आपूर्ति को व्यवस्थित करने के लिए प्राधिकरण ने डिजिटल प्रणाली के इस्तेमाल पर जोर दिया है। राहत सामग्री को संबंधित जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर के साथ समन्वय कर प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
राहत सामग्री के वितरण में दोहराव और अव्यवस्था रोकने के लिए उपलब्ध सामग्री का रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में दर्ज करने को भी कहा गया है।

🚁 बचाव अभियान के बीच ड्रोन उड़ाने पर रोक
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है।
गृह मंत्रालय के दस्तावेज में कहा गया है कि रसुवागढ़ी इलाके में बाढ़ के बाद हेलीकॉप्टरों से खोज और बचाव अभियान चल रहा है। इसी दौरान कुछ लोगों और संस्थाओं द्वारा स्थानीय प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाए जाने की बात सामने आई है।
सरकार का कहना है कि इससे हवाई सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है और हेलीकॉप्टरों के राहत-बचाव अभियान में बाधा आ सकती है।
इसलिए संबंधित लोगों को निर्देश दिया गया है कि जिला प्रशासन कार्यालय या गृह मंत्रालय की पूर्व अनुमति के बाद ही RPA/Drone उड़ाया जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

राहत के लिए करोड़ों रुपये जारी
प्राधिकरण के अपडेट में प्रभावित जिलों के लिए सरकार की ओर से नकद राहत राशि जारी किए जाने की भी जानकारी है। रसुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ के बाद नेपाल में अब सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावितों तक राहत पहुंचाना और हेलीकॉप्टरों के जरिए चल रहे बचाव अभियान को सुरक्षित रखना है।






