रांची : भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी की डोर बांधने वाला रक्षाबंधन झारखंड राज्य के सभी जिलों में इस बार भी भावनाओं के रंग में रंगा नजर आया। सावन पूर्णिमा पर शुक्रवार को शहर से लेकर गांव तक घर-आंगन से लेकर मंदिरों तक उत्सव का माहौल रहा। शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ, दीर्घायु व सुखी जीवन की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने और उनकी रक्षा का संकल्प दोहराया। पर्व की सबसे खास तस्वीर उन बहनों की रही, जो ससुराल या दूसरे शहरों से कई किलोमीटर की दूरी तय कर मायके पहुंचीं। लंबे समय बाद भाई की कलाई पर राखी बांधने का अवसर मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कहीं भाई बहन के घर पहुंचे तो कहीं बहनें भाइयों के इंतजार में सुबह से तैयार रहीं। तिलक, आरती, राखी और मिठाई के बीच परिवारों में पुराने रिश्तों की गर्माहट फिर महसूस हुई। बहनों ने विधि-विधान से भाइयों को राखी बांधी और सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों को सामर्थ्य के अनुसार उपहार देकर हर परिस्थिति में सहयोग करने का वादा किया। राख्री पर्व को लेकर घरों और धार्मिक स्थलों पर चहल-पहल रही। कई परिवारों में पूजा-अर्चना और अनुष्ठान के बाद रक्षाबंधन की रस्म पूरी की गई। रक्षाबंधन का यह पर्व झारखंड के सभी जिलों में सिर्फ एक धार्मिक पर्व का रूप नहीं लिया, बल्कि परिवारों को जोड़ने और रिश्तों में अपनापन लौटाने का अवसर भी बना। राखी के छोटे से धागे ने भाई-बहन के बीच वर्षों पुराने स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी की भावनाओं को एक बार फिर मजबूत कर दिया।


राखी बांधते ही छलक आया बचपन का अपनापन
रक्षाबंधन में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। छोटे भाई-बहनों ने अपनी पसंद की रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियां चुनीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के बाद मिठाई खिलाई तो भाइयों ने भी उपहार देकर उनका उत्साह बढ़ाया। कई परिवारों में बच्चों ने नए कपड़े पहनकर पर्व मनाया और भाई-बहन की तस्वीरें भी खिंचवाईं। घरों में दिनभर हंसी-खुशी का माहौल बना रहा।

मंदिरों में पूजा, शिवालयों में रही आस्था की भीड़
रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा के संयोग पर राज्य भर के विभिन्न विभिन्न शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालुओं ने घरों में रुद्राभिषेक सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी कराए। आचार्यों की देखरेख में पूजा-पाठ संपन्न कराया गया। पूजा के बाद बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर मंगलकामना की। लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड के ऐतिहासिक अखिलेश्वर धाम में रक्षाबंधन पर अलग ही दृश्य देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। कई बहनें पूजा की थाली और राखी लेकर भगवान शिव के दरबार में पहुंचीं। महादेव के समक्ष राखी अर्पित कर भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की। पूजा के बाद मंदिर परिसर में ही भाइयों का तिलक कर आरती उतारी गई और राखी बांधी गई। भाइयों ने बहनों को उपहार देकर जीवनभर साथ देने का भरोसा दिया।

भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल
रक्षाबंधन को लेकर सुबह से मंदिरों और शिवालयों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचे। बहनों ने राखी बांधने से पहले पूजा कर भाइयों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रखंड के कई हिस्सों में गीत-संगीत और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना रहा। दूर रहने वाली बहनों के पहुंचने से घरों में उत्सव की रौनक और बढ़ गई।


राखी, मिठाई और उपहारों से बाजार गुलजार
पर्व का असर बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। पिछले कई दिनों से राखी, मिठाई और उपहारों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ बनी हुई थी। शुक्रवार को बाजारों में विशेष चहल-पहल रही। बहनों ने भाइयों की पसंद की राखियां और मिठाइयां खरीदीं, जबकि भाइयों ने बहनों के लिए कपड़े, कॉस्मेटिक सामान, खिलौने और अन्य उपहार खरीदे। दुकानदारों के अनुसार पर्व के कारण कारोबार में भी तेजी रही।






