रांचीः झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) में पेपर लीक और सेटिंग का खेल करोड़ों रुपए में हुआ था। 14वीं जेपीएससी परीक्षा कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी ने सीआईडी रिमांड में इसका खुलासा किया है।
अभय ने कबूल किया कि उसने पत्नी, भाई और अन्य अभ्यर्थियों समेत कुल 15 लोगों से 12-12 लाख रुपए जुटाए। इस तरह 1.80 करोड़ रुपए का सिंडिकेट तैयार किया गया। इसी रकम के दम पर पेपर लीक कराया गया और अभय ने खुद सेटिंग के जरिए राज्य में 48वीं रैंक हासिल कर ली। हैरत की बात यह है कि इस सिंडिकेट से जुड़े सभी 15 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल घोषित हुए।

सीआईडी की पूछताछ में सामने आया कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा कराने की जिम्मेदारी संभाल रही मुख्य एजेंसी वेबेल के संचालक मिथिलेश सिंह और उसके सहयोगी राकेश सिंह इस खेल के मुख्य सूत्रधार थे। परीक्षा से ठीक पहले मिथिलेश और राकेश ने बोकारो में एक गोपनीय ठिकाना तय किया। यहां अभय तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय तिवारी समेत कुल 15 अभ्यर्थियों को जुटाया गया। इन सभी को परीक्षा में आने वाले 65 हूबहू सवाल और उनके जवाब रातभर रटवाए गए।
उधर, एसटीएफ आईजी अनूप बिरथरे के नेतृत्व में गठित 17 सदस्यी एसआईटी 60 से अधिक संदिग्धों का बयान दर्ज कर चुकी है। पूछताछ के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है। परीक्षा में अनुचित लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी क्रम में अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पत्नी-भाई जेल गए, अभय की रिमांड 3 दिन बढ़ी वेबेल का संचालक मिथिलेश सिंह फरार जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा संचालित कराने की जिम्मेदारी जिस एजेंसी वेबेल को मिली थी, उसका संचालक मिथिलेश सिंह पटना का रहने वाला है। सीआईडी उसकी तलाश में दिल्ली तक जा चुकी है, लेकिन वह अब भी फरार है। सीआईडी की प्रारंभिक जांच और अभ्यर्थियों से पूछताछ में सामने आया है कि मिथिलेश सिंह, उसके सहयोगी राकेश सिंह और अन्य लोगों ने मिलकर परीक्षा से संबंधित डेटा लीक किया। पेपर लीक होने के बाद अभ्यर्थियों को सवाल-जवाब रटवाने की व्यवस्था की गई और इसके एवज में रकम वसूली गई। अब मिथिलेश से पूछताछ के बाद इस मामले की कई और कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सहित पांच की जमानत पर आंशिक सुनवाई जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी में धांधली मामले में गिरफ्तार आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते, पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, सुमन सौरव और उमेश कुमार की याचिका पर मंगलवार को आंशिक सुनवाई हुई। सीआईडी के विशेष जज योगेश कुमार की कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीआईडी के जांच अधिकारी ने केस दायरी दाखिल की। कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए अब 1 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। सीआईडी ने ख्यांगते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था। वहीं अभय तिवारी को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। अभय ही इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।




