धनबादः बरवाअड्डा स्थित बड़ा पिछड़ी गांव में फर्जी दस्तोवज बनाने को लेकर उठे विवाद में डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ सोमवार को दूसरी एफआईआर दर्ज हुई है। थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में विधायक समेत 11 सहयोगियों और 50 अज्ञात समर्थकों को आरोपी बनाया गया है। विधायक पर कार्यकर्ता गणेश दास की गिरफ्तारी और उस पर केस दर्ज किए जाने का विरोध करते हुए पहले वॉट्सएप कॉल पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी, दर्जनों समर्थकों संग थाने में घुसकर हंगामा करने जैसे गंभीर आरोप है।
एफआईआर में थाना परिसर और प्रभारी कक्ष के भीतर ऑन-ड्यूटी पुलिस अफसरों से गाली-गलौज, धक्का-मुक्की, मेज पर रखे पदनाम बोर्ड की तोड़फोड़ और हाजत से आरोपी को जबरन छुड़ाने का प्रयास किए जाने की शिकायत की गई है। इससे पहले बड़ा पिछड़ी की मुखिया के बेटे की शिकायत पर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें गाली-गलौज और जान मारने की नियत से गला दबाने का आरोप है। थाना प्रभारी के बयान पर 22 अगस्त को बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज किया गया। मामले में विधायक जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय सहित अन्य समर्थकों को आरोपित किया गया है।
थानेदार का आरोप-फोन पर दी गालियांः एफआईआर में थानेदार ने कहा है कि 22 अगस्त को रात 8.09 मिनट बजे वे कार्यालय में काम कर रहे थे। तभी विधायक का वॉट्सएप कॉल आया। फोन उठाते ही विधायक ने अपने समर्थक पर एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी पर सख्त आपत्ति जताई। विधायक ने फोन पर गाली-गलौज शुरू कर दी। वर्दी उतरवाने के साथ सरकार बदलने पर देख लेने की धमकी दी। कहा कि जिस दिन तुम ऑफ ड्यूटी मिले तो देख लेंगे।






