14वीं सिविल सेवा पीटी में धांधलीः कोचिंग सेंटर था सेटिंग का केंद्र, CID को मिले लेनदेन के साक्ष्य

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 24, 2026

14वीं सिविल सेवा पीटी में धांधलीः कोचिंग सेंटर था सेटिंग का केंद्र, CID को मिले लेनदेन के साक्ष्य

रांचीः जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी में धांधली की जांच कर रही सीआईडी ने परीक्षा माफिया और कोचिंग संस्थानों के गठजोड़ पर शिकंजा कस दिया है। सीआईडी की विशेष टीम ने रांची और हजारीबाग में छापेमारी की।सीआईडी की टीम ने रांची में लालपुर स्थित शिवांगन की पाठशाला व उसके निदेशक, संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास में दबिश दी। इसके अलावा हजारीबाग जिले के मेघा कोचिंग सेंटर में भी दस्तावेज की जांच पड़ताल की है। दोनों ही जगह परीक्षा में अभ्यर्थियों से सेटिंग और लेनदेन से जुड़े ​दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य मिले। सीआईडी सूत्रों के मुताबिक इन दोनों जगह अभ्यर्थियों से डील हुई थी।

सीआईडी की जांच में पता चला है कि परीक्षा में सेटिंग कराने वाले सिंडिकेट में कोचिंग संचालकों और बिचौलियों की बड़ी भूमिका थी। पूर्व में गिरफ्तार एजेंटों और चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ के आधार पर ही इन कोचिंग संस्थानों के नाम सामने आए थे। गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया है कि कोचिंग संस्थानों में अभ्यर्थियों को चिह्नित किया जाता था और उनसे डील की जाती थी। इसके बाद पास कराने ​के लिए परीक्षा तंत्र में सेंध लगाई जाती थी। सीआईडी अब कोचिंग संस्थानों से जब्त अभ्यर्थियों के डेटा, बैंक खातों के लेनदेन और संजीत कुमार सहित अन्य संचालकों की भूमिका का सत्यापन कर रही है।
एक्सपर्ट से प्रश्न हल कराए, परीक्षा के बाद OMR शीट भरी
जांच में पता चला है कि परीक्षा में केवल सामान्य नकल नहीं हुई, बल्कि संगठित आपराधिक गिरोह की तरह काम किया गया। सीआईडी के अनुसार सेटिंग वाले कई अभ्यर्थियों ने खाली ओएमआर शीट जमा कराई, जिसे बाद में परीक्षा संचालन एजेंसी और सिंडिकेट के स्तर पर भरा गया। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र कोचिंग संस्थानों को भेजकर एक्सपर्ट के जरिए हल कराया गया और अभ्यर्थियों को मदद पहुंचाई गई।
पूर्व में गिरफ्तार अभ्यर्थियों, एजेंटों ने दिया है इन कोचिंग संस्थानों का पता
जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच के क्रम में सीआईडी ने जेपीएससी में सेटिंग कराने वाले एजेंट्स व कुछ अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार एजेंट्स व अभ्यर्थियों ने ही सीआइडी को पूछताछ में इन कोचिंग संस्थानों की भूमिका संदिग्ध मिली है। सीआईडी अब इन कोचिंग संस्थानों की भूमिका का सत्यापन कर रही है। छानबीन में यह भी खुलासा हो चुका है कि परीक्षा में पेपर लीक भी हुए, ओएमआर शीट में हेराफेरी भी हुई, परीक्षा हाल से बाहर भी प्रश्नों के उत्तर हल किए गए। इन सभी बिंदुओं पर सीआइडी की पड़ताल जारी है।
अब तक 22 लोग गिरफ्तार, 7 आरोपियों की तलाश में छापेमारी
इस घोटाले में जांच एजेंसी अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जबकि सात नामजद व संदिग्ध आरोपी अभी भी फरार हैं। ये फरार आरोपी कोचिंग से जुड़े व अभ्यर्थियों को फंसाने वाले दलाल हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। सीआईडी का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी से कई और नए खुलासे होंगे। सिंडिकेट के कुछ बड़े चेहरे भी उजागर होने की संभावना है।
सीआईडी ने पूछा- आयोग और बिचौलियों में बड़े चेहरे कौन
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से सीआईडी की एसआईटी ने रविवार को दूसरे दिन भी पूछताछ की। तीनों को आमने-सामने बैठाकर सवाल पूछे गए। अभय तिवारी परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है। जांच एजेंसी ने उनसे पूछा कि आयोग और बिचौलियों के बीच कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल थे। वे तीनों इस परीक्षा में कैसे सफल हुए। एक अभ्यर्थी से कितनी राशि ली गई और यह किसे पहुंचाया। क्या उन्हें भी परीक्षा से पहले किसी ने प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया था।
इन तीनों को सीआईडी ने एक साथ रिमांड पर लिया था। पहले इनसे अलग-अलग पूछताछ हुई, फिर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। ताकि पूरी गड़बड़ी और सिंडिकेट का खुलासा हो सके। सीटाईडी ने अभय को पांच दिन और सुषमा-अक्षय को तीन दिन की रिमांड पर लिया है। सुषमा और अक्षय की रिमांड सोमवार को खत्म होगी।

See also  प्रिंस खान का करीबी राणा राहुल सिंह बेंगलुरु से फरार, महिला मित्र से पुलिस ने की पूछताछ
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now