लोहरदगा : जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने और बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी के साथ शैक्षणिक हस्तक्षेप भी तेज कर दिया है। उपायुक्त संदीप कुमार मीना के प्रयास से लोहरदगा में शुरू किए गए अकिल एड़पा कार्यक्रम के तहत जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी शनिवार को अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में पहुंचे। अधिकारियों ने केवल निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय कक्षाओं में विद्यार्थियों के बीच जाकर उन्हें पढ़ाया और उनकी शैक्षणिक स्थिति को समझने का प्रयास किया। इस दौरान शिक्षकों से लेकर विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति और परीक्षा की तैयारी तक की समीक्षा की गई।



कमजोर बच्चों की पहचान कर अलग से पढ़ाई
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि पढ़ाई में पिछड़ रहे विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष शैक्षणिक योजना तैयार की जाए। ऐसे बच्चों को रिमेडियल कोचिंग के साथ अतिरिक्त समय देकर उनकी कमजोरियों को दूर करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि केवल पूरे वर्ग को पढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और परिणाम पर नजर रखना जरूरी है।

सिलेबस पूरा करने की समय-सीमा पर जोर
प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया, ताकि परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को पर्याप्त समय पुनरावृत्ति के लिए मिल सके। लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी उपस्थिति बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। अधिकारियों ने शिक्षकों की समय पर उपस्थिति को भी अनिवार्य बताया।

हर माह दो टेस्ट से परखी जाएगी तैयारी
अधिकारियों ने विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक प्रगति जानने के लिए प्रत्येक माह कम से कम दो टेस्ट कराने का निर्देश दिया। टेस्ट के परिणाम के आधार पर कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने को कहा गया। इसके अलावा प्रत्येक माह होने वाली रेल परीक्षा के परिणामों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। पिछले वार्षिक परीक्षा परिणामों का विषयवार विश्लेषण कर यह पता लगाने को कहा गया कि किन विषयों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन कमजोर रहा। इसके आधार पर संबंधित विषय के लिए विशेष रणनीति तैयार कर सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

लोहरदगा के इन स्कूलों में पहुंचे अधिकारी
उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार ने शाहबुटी उच्च विद्यालय, सेन्हा, एसडीओ अमित कुमार ने उत्क्रमित राजकीयकृत उच्च विद्यालय आकाशी, जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रीसेती भार्गवी व बीडीओ भंडरा प्रतिमा कुमारी ने प्रोजेक्ट बालिका हाई स्कूल भंडरा का निरीक्षण किया। बीडीओ सेन्हा संग्राम मुर्मू राजकीयकृत उत्क्रमित सिठियो तथा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मुक्ति किंडो प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय कुज्जी पहुंचे। पीडी आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग ने राजकीयकृत बालिका उच्च विद्यालय लोहरदगा, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर ने हाई स्कूल गगेया और जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय कुजरा समेत अन्य विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था की पड़ताल की।

शत-प्रतिशत परिणाम पर प्रशासन का फोकस
अधिकारियों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित उपस्थिति, निरंतर मूल्यांकन और कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग देकर ही बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल किया जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन को पिछले वर्षों के परिणामों से सामने आई कमियों का विश्लेषण कर समय रहते सुधारात्मक कार्ययोजना लागू करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन का लक्ष्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव मजबूत करते हुए आगामी माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता की दिशा में ठोस परिणाम हासिल करना है।











