हजारीबाग में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने के मामले में 700 लोगों पर FIR, कोर्रा थाना पुलिस ने की 220 लोगों की शिनाख्त

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 22, 2026

हजारीबाग में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने के मामले में 700 लोगों पर FIR, कोर्रा थाना पुलिस ने की 220 लोगों की शिनाख्त

हजारीबागः 21 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने के दौरान कोर्रा थाना क्षेत्र के गांधी मैदान में प्रशासन और छात्रों के बीच हुई टकराव की घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने करीब 700 लोगों पर एफआईआर किया है, कार्रा थाना पुलिस ने 200 लोगों की पहचान शुरू कर दी है।प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। प्रशासन की ओर से घटना को गंभीरता से लेते हुए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
मजिस्ट्रेट के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी
घटना के दौरान मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट के बयान को प्राथमिकी का आधार बनाया गया है। पुलिस अब प्राथमिकी में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि भीड़ में कौन लोग सक्रिय रूप से शामिल थे और किसकी भूमिका से स्थिति तनावपूर्ण हुई।
वीडियो फुटेज से होगी उपद्रवियों की पहचान
पुलिस के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य घटनास्थल के वीडियो फुटेज हैं. पुतला दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र जुटे थे। घटनास्थल पर मौजूद करीब 200 लोगों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि घटना के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। घटना के दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन की ओर से छात्रों को गांधी मैदान से हटाने का प्रयास किया गया था। इसी दौरान झामुमो समर्थकों के मौके पर पहुंचने और छात्रों को खदेड़ने के आरोप भी सामने आए थे।
पुतला दहन को लेकर बढ़ा था विवाद
JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में छात्रों ने जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का कार्यक्रम घोषित किया था। हजारीबाग में छात्र गांधी मैदान पहुंचे थे। पुतला दहन से पहले प्रशासन ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने बढ़ाई सक्रियता
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई का अगला चरण आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी माना जा रहा है। पुलिस वीडियो फुटेज के अलावा घटनास्थल पर मौजूद लोगों और अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटा रही है। प्राथमिकी में शामिल सभी लोगों की भूमिका एक समान है या अलग-अलग, इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
आंदोलन और कानूनी कार्रवाई आमने-सामने
एक ओर छात्र JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शुक्रवार की घटना के बाद पुलिस की कानूनी कार्रवाई ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब करीब 700 लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और इनमें से करीब 200 लोगों की पहचान की प्रक्रिया पर सभी की नजर है। आने वाले दिनों में पुलिस कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि कितने लोगों को मामले में नामजद या आरोपी के रूप में आगे चिह्नित किया जाता है।

See also  आज से आम यात्री पटना मेट्रो की करेंगे सवारी, किराया 15 से 30 रुपये तक; चेक करें टाइमिंग
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now