रांचीः गुरुवार को हरमू स्थित सोहराय भवन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति की बैठक हुई। पार्टी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में एमएमडीआर कानून में संशोधन, एसआईआर और परिसीमन को लेकर चर्चा की गई और आगे की रणनीति बनाई गई।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि “अचानक बिना किसी सलाह के विगत मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने MMDR कानून में ऐसा बदलाव किया है जिसे हम बहुत दुर्भाग्यपूर्ण कह सकते हैं…इसका बहुत बुरा प्रभाव प्रदेश के कई आदिवासी, दलित, पिछड़ा, गरीब पर पड़ेगा। पूर्व के नुकसान की भी भरपाई अब केंद्र सरकार नहीं करेगी। ऐसा इस कानून से प्रतीत होता है। राज्य सरकार ने पहले ही खनन क्षेत्र में लगभग 1 लाख 36 हजार करोड़ का बकाया प्रस्तुत किया है… आने वाले समय में ये कमजोर राज्य अपने पैरों पर खड़ा ना हो पाए इस कानून के माध्यम से कुठाराघात किया गया है। हम इसका विरोध करते हैं और इसके लिए लड़ाई लड़ेंगे। ”







