पटनाः सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले को लेकर तेजस्वी यादव बुधवार को राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में जेपी गोलंबर से लोक भवन तक करीब 5 किमी लंबा मार्च निकाला जाएगा।सीवान जिले में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग करने और छात्रों के मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष बुधवार को सड़क पर उतरेंगे। राजधानी के गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च किया जाएगा। इसे लेकर तैयारी कर ली गई है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने भी तैयारी कर ली है।
गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों से की थी मुलाकात
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को गर्दनीबाग जाकर अभ्यर्थियों से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने अभ्यर्थियों को समर्थन दिया था। साथ ही सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा था, अहंकारी सरकार को जल्द ही छात्रों की मांग को गंभीरता से सुनकर पूरा करना चाहिए। पटना के धरना स्थल गर्दनीबाग में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।
लालू-तेजस्वी ने की ये अपील
राजभवन मार्च को लेकर तेजस्वी यादव और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स यूनियन से जुटने की अपील की थी। तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने लिखा था, ‘सुबह 10 बजे गांधी मैदान से शुरू होकर बिहार का यूथ करेगा राजभवन कूच। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, नियमितता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने हेतु छात्रों और युवाओं का विशाल मार्च।’
इतना ही नहीं लालू प्रसाद ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर सरकार पर तंज कसा था। उन्होंने लिखा था, ‘दाल-भात खाओ बट यूथ का फ्यूचर मत खाओ।’ इससे पहले मंगलवार को भी उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर कर लोगों से जुटने की अपील की थी।
उन्होंने लिखा था, ‘समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी से त्रस्त है। लूट तंत्र से बनी दंभी सरकार उनकी लोकतांत्रिक मांगों को सुनने की बजाय AK-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है। इस तानाशाही के विरुद्ध सभी 19 अगस्त को पटना में एकजुट हो।’
इन रूटों से गुजरेगा मार्च
जानकारी के मुताबिक, पटना के जेपी गोलंबर से मार्च की शुरुआत होगी। इसके बाद डाकबंगला चौराहा, तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर, पटना वीमेंस कॉलेज, बिहार म्यूजियम, विश्वसरैया भवन, पंचमुखी हनुमान मंदिर, बेली रोड से होते हुए लोकभवन तक जायेगा। इस तरह से मार्च को लेकर ट्रैफिक रूटों में भी बदलाव किया गया है। पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी गई है।
तेजस्वी यादव ने किए थे ये 15 सवाल
- छात्रों पर गोलीबारी करने वाले सिपाही के पास AK-47 आई कैसे? निलंबित सिपाही को AK-47 किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी की गई?
- हथियार जारी करने का आदेश किसने दिया? AK-47 जैसे आधुनिक हथियार के आवंटन की पूरी कमांड-चेन की भूमिका सामने आनी चाहिए.
- आरोपित सिपाही किस यूनिट में तैनात था? क्या वह नियमित जिला पुलिस का हिस्सा था? क्या वह SP की सुरक्षा में तैनात था या STF/SIT जैसी विशेष इकाई से संबद्ध था?
- क्या वह आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन से जुड़ा था? यदि वह विशेष बल का जवान था तो उसकी वास्तविक तैनाती और जिम्मेदारी क्या थी?
- क्या इससे पूर्व कभी छात्र प्रदर्शन में AK-47 का इस्तेमाल हुआ था? सामान्य कानून-व्यवस्था या छात्र प्रदर्शन की ड्यूटी में इतनी मारक क्षमता वाले हथियार की जरूरत क्यों पड़ी?
- क्या AK-47 लेकर भीड़ नियंत्रण की अनुमति थी? Crowd Management के SOP का पालन क्यों नहीं किया गया?
- फायरिंग का आदेश किसने दिया? जिले के पुलिस अधीक्षक पर अभी तक कारवाई क्यों नहीं हुई?
- कितनी गोलियां चलीं और कितने राउंड जारी हुए थे? हथियार के साथ जारी किए गए और इस्तेमाल हुए कारतूसों का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए.
- इस्तेमाल किए गए हथियार का बैलिस्टिक और फॉरेंसिक परीक्षण हुआ या नहीं?
- क्या बॉडी कैमरा या वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है? फायरिंग से ठीक पहले और बाद की पूरी गतिविधि सामने आनी चाहिए.
- यदि AK-47 गलत ड्यूटी पर पहुंची तो केवल सिपाही को निलंबित करना पर्याप्त है या हथियार जारी करने वाले अधिकारी की भी जवाबदेही तय होगी?
- कमांड-चेन की जांच होगी या नहीं? जांच केवल गोली चलाने वाले जवान तक सीमित न रहकर ऊपर के अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंचनी चाहिए?
- AK-47 जैसे विशेष आधुनिक हथियार के लिए विशेष जिम्मेदारी होती है. इसके इस्तेमाल में प्रशिक्षण, आदेश और जवाबदेही तीनों महत्वपूर्ण हैं लेकिन इस घटना में वरीय अधिकारियों पर जवाबदेही तय क्यों नहीं हुई?
- गृह विभाग की भूमिका और जिम्मेदारी क्या है? गृह विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि हथियारों की तैनाती और कानून-व्यवस्था की इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कैसे होती है.
- क्या इस नृशंस कांड की विभागीय जांच पर्याप्त होगी? क्या मामला केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई तक सीमित रहेगा या स्वतंत्र जांच में हथियार आवंटन और कमांड-चेन की भी पड़ताल होगी?






