लोहरदगा : परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के पक्ष में राज्य सरकार के फैसले का लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने स्वागत किया है। उन्होंने जेएसएससी, सीजीएल समेत टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद करने के निर्णय को छात्रों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। सांसद ने इस फैसले के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया।
‘मेहनत का सम्मान, न्याय का अधिकार’
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों युवा अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर शामिल होते हैं। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर सबसे अधिक नुकसान मेहनती अभ्यर्थियों को होता है। ऐसे में परीक्षा रद करने का निर्णय आंदोलनरत छात्रों के लिए बड़ी राहत है। सरकार ने छात्रों की चिंता, मेहनत और भविष्य को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील फैसला लिया है।

युवाओं के हित में आवाज उठाते रहे राहुल
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार युवाओं के अधिकार और रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
‘भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता जरूरी’
सुखदेव भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लिया गया निर्णय राज्य के युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिले और किसी भी स्तर पर अनियमितता की गुंजाइश न रहे। सांसद ने कहा कि यह सिर्फ परीक्षाएं रद करने का फैसला नहीं है, बल्कि छात्रों के भरोसे, उनकी मेहनत और उनके भविष्य के साथ न्याय करने की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले हर छात्र को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अपना भविष्य बनाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।






