रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच के सिलसिले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से करीब 48 घंटे तक पूछताछ की गई। CID ने 15 अगस्त को उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। पूछताछ पूरी होने के बाद सोमवार को एल. ख्यांगते को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

JPSC सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य का पीए गिरफ्तार
JPSC की तत्कालीन सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के निजी सहायक बीएन राम को गिरफ्तार किया गया है । बीएन राम पर पर JPSC के इंटरव्यू में अभ्यर्थियों को मैनेज कराने के नाम पर करीब 40 लाख रुपये की वसूली करने का आरोप है।
इसी मामले में CID ने JPSC की तत्कालीन सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के पीए बीएन राम को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि साक्षात्कार मैनेज कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से करीब 40 लाख रुपये की वसूली की गई। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर वसूली गई रकम का लेन-देन किन लोगों के बीच हुआ और इस पूरे नेटवर्क में बीएन राम की क्या भूमिका थी। जांच एजेंसी पैसों के लेन-देन और कथित साक्षात्कार मैनेजमेंट से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
एल. ख्यांगते से करीब दो दिनों तक चली पूछताछ को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। CID ने उनसे JPSC की विभिन्न परीक्षाओं, साक्षात्कार प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल किए। अब जांच एजेंसी पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों और अन्य आरोपियों से मिले तथ्यों का मिलान कर रही है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कथित परीक्षा धांधली से जुड़े नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद एल. ख्यांगते को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि CID मामले में आगे की जांच कर रही है।






