JPSC परीक्षा घोटालाः ख्यांगते की TDPL से दो करोड़ में हुई डील, 20 % अलग से मिलता था कमीशन

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 10, 2026

JPSC परीक्षा घोटालाः ख्यांगते की TDPL से दो करोड़ में हुई डील, 20 % अलग से मिलता था कमीशन

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी को अब तक की छानबीन में कई अहम जानकारियां मिली है। जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी जिस मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को दी गई थी उसमें रिश्वत और कमीशन का बड़ा खेल हुआ था।टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी के अनुसार टीडीपीएल को ठेका दिलाने के एवज में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव सेवानिवृत आइएएस अधिकारी एल. खियांगते ने दो करोड़ रुपये में सौदा किया था।
गिरफ्तार किए गए पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी ने पूछताछ में कबूल किया है कि ब्लैकलिस्टेड वेंडर एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को परीक्षा का काम दिलाने और नियमों को ताक पर रखकर चयन कराने के लिए शीर्ष स्तर पर कर करोड़ों रुपए की ‘कट मनी डील’ हुई थी। अब इस बयान के बाद जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते की भूमिका सबसे अधिक संदिग्ध मानी जा रही है। सीआईडी की टीम पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते से चार अलग-अलग चरणों में 30 घंटे से अधिक समय तक आमने-सामने बिठाकर गहन पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी को जानकारी मिली है कि इस बड़ी डील के तहत तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक की लिखित आपत्तियों को भी दरकिनार कर दिया गया था। तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक ने टीडीपीएल के ब्लैक रिकॉर्ड की जानकारी आयोग के शीर्ष नेतृत्व को दी थी। उन्होंने अपनी आपत्ति में कहा था कि इस एजेंसी को अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 20 मई 2025 को ही ब्लैकलिस्ट और डी-लिस्ट कर दिया था। इसके अलावा यह एजेंसी उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी धांधली के आरोपों में प्रतिबंधित थी। इसके बावजूद, तत्कालीन चेयरमैन के स्तर से बिना किसी खुली निविदा के सीधे नॉमिनेशन के आधार पर टीडीपीएल को परीक्षा का बेहद संवेदनशील जिम्मा सौंप दिया गया। सीआईडी की पूछताछ में पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते ने अपना बचाव करते हुए दावा किया कि चयन के वक्त आयोग को एजेंसी के ब्लैकलिस्टेड होने की आधिकारिक जानकारी नहीं थी और उन्होंने इसे एक ‘प्रशासनिक चूक’ करार दिया। फिलहाल, सीआईडी ने टीडीपीएल के रांची और लखनऊ स्थित कार्यालयों को सील कर दिया है। इस मामले में उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मास्टरमाइंड अभय तिवारी और पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीआईडी अब आयोग के वर्तमान सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पूरी तरह साफ हो सके कि इस समानांतर सिंडिकेट को चलाने में और कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे।

See also  साहिबगंज के जलेबिया घाटी में दर्दनाक हादसे का LIVE VIDEO, ऑटो पलटने से एक महिला की मौत,10 घायल
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now