रांचीः शुक्रवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष के विधायकों ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित तौर पर गड़बड़ी को लेकर हंगामा किया। विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर में छात्रों के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की। बजट सत्र के पहले दिन सदन के अंदर पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक, सुप्रसिद्ध दिवंगत गायिका आशा भोसले समेत कई राजनीतिक-सामाजिक और कला जगह के दिवंगत दिग्गजों को श्रद्धांजलि देते हुए सदन की कार्यवाही को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
बीजेपी-आजसू,एलजेपी के विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा पोर्टिगो में आकर जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। आजसू विधायक निर्मल महतो सरकारी नौकरी की रेट चार्ट गले में लटकाकर अपना अनोखा विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब तक राज्य सरकार CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती, तब तक छात्रों के हक और न्याय की इस लड़ाई में हमारा संघर्ष सदन से सड़क तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा। बाबूलाल मरांडी ने कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में जारी छात्र आंदोलन पर कहा, “…जांच में यदि आप भ्रष्ट अफसरों को लगाएंगे, JPCC जैसे संस्थान में भ्रष्ट अफसरों को अध्यक्ष बनाएंगे, जब ऐसे भ्रष्ट लोग पद पर बैठेंगे तो यही होगा। अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया, बाकी लोगों की गिरफ्तारी हुई, ये सब लोग दिखावटी हैं लेकिन इन पर कैसे भरोसा किया जाए?… इसलिए हमारी मांग है कि अदालत की निगरानी में जांच हो और समयसीमा के अंदर जांच का परिणाम भी आना चाहिए।”
JPSC और JSSC परीक्षाओं में नौकरी बेचे जाने के विरोध में झारखंड के छात्र पिछले दो सप्ताह से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन छात्रों की CBI जांच की मांग पर अनुशंसा करने के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी ने अब तक चुप्पी साध रखी है।
इसी चुप्पी के विरोध में आज सदन के… pic.twitter.com/iRsSXa9qgU
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 6, 2026






