कोडरमाः प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन में सोशल मीडिया पर कथित-वीडियो और सामग्री साझा किए जाने के मामले में पुलिस ने सतगांवा थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में छोपमारी की। इस दौरान एक महिला सहित छह लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इन पर सोशल मीडिया के माध्यम से कथित तौर पर आतंकी संगठन से जुड़े वीडियो और कट्टरपंथी सामग्री साझा कर मुस्लिम युवाओं को भड़काने तथा देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोपों की जांच की जा रही है। पूरे मामले की पुष्टि कोडरमा के पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने की है। उन्होंने बताया कि सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छह लोगों को लिया गया हिरासत में
पुलिस और जांच एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों में 22 वर्षीय अरशद महफूज (पिता जहांगीर आलम), 50 वर्षीय जहांगीर आलम (पिता स्वर्गीय जमाल), 45 वर्षीय मोहम्मद शहादत (पिता स्वर्गीय रहमत मियां), 20 वर्षीय मोहम्मद आसिफ (पिता स्वर्गीय शाहिद), 26 वर्षीय मोहम्मद शमशेर आलम उर्फ शाहिल (पिता मोहम्मद अमजद) तथा 20 वर्षीय मुस्कान प्रवीण (पिता मोहम्मद जसीम) शामिल हैं। जानकारी के अनुसार पहले पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर सोमवार शाम मुस्कान प्रवीण को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
आईबी इनपुट के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को सूचना मिली थी कि सतगावां थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव के कुछ लोग इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहते हुए कथित रूप से देश विरोधी और कट्टरपंथी सामग्री साझा कर रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान स्थित आतंकी अजहर मसूद का वीडियो क्लिप भी साझा किया और उसके माध्यम से युवाओं को भड़काने का प्रयास किया। इसी इनपुट के आधार पर विशेष टीम का गठन किया गया और कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष के निर्देश पर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया।
डिजिटल साक्ष्यों की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां हिरासत में लिए गए सभी लोगों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का प्रयास यह पता लगाने का है कि कथित आपत्तिजनक सामग्री किस स्रोत से साझा की गई, उसका उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है। पूछताछ के दौरान संभावित संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी आतंकी संगठन से प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।
आरोपियों के पेशे और गतिविधियों की भी जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हिरासत में ली गई मुस्कान प्रवीण अपने समुदाय के बच्चों को पढ़ाने का कार्य करती है। जांच एजेंसियां उससे भी लंबी पूछताछ कर रही हैं। वहीं मोहम्मद शहादत गांव में किराना दुकान चलाता है।जहांगीर आलम मुर्गा बेचने का काम करता है। एक अन्य आरोपी मस्तान अंसारी इलेक्ट्रॉनिक दुकान संचालित करता है, जबकि अन्य आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय बताए जा रहे हैं। पुलिस सभी के सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
माधोपुर गांव में पसरा सन्नाटा
संयुक्त कार्रवाई के बाद माधोपुर गांव समेत पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गांव में पुलिस की मौजूदगी के कारण लोगों में दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ युवक सोशल मीडिया के माध्यम से कथित तौर पर देश और अन्य धर्मों के खिलाफ भड़काऊ सामग्री साझा कर रहे थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार माधोपुर के अलावा अंगार क्षेत्र में भी पुलिस द्वारा छापेमारी किए जाने की सूचना है, हालांकि इस संबंध में पुलिस ने आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।







