डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात एक नया इंस्टाग्राम वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी मां को जिन प्रदर्शनकारियों ने गालियां दी, उन्हें वह सुधरने का एक मौका देना चाहते हैं, इसलिए उन्हें माफ कर दे रहे हैं। पीएम ने कहा कि गाली देने वाले बच्चे हैं, वे भटके हुए है, उन्हें सही मार्ग दिखाना हमारा भी काम है। समाज के अंदर जो आक्रोश है, उसे मैं भलीभांति समझ सकता हूं, किसी भी सभ्य समाज को शोभा न दे, ऐसे शब्दों के प्रयोग हुए। यह कल्चरल शाॅक है कि हमारी बेटियां इस तरह की भाषा कैसे बोल सकती हैं। पर समय है- इन बच्चों को गले लगा कर राह दिखाने का। इन्हें सजा दिलवाना, अदालतों के चक्कर कटवाना, समाज में उन्हें प्रताड़ित करना, इससे हम परिस्थितियां नहीं बदल सकेंगे। समाज मेरी इस बात को स्वीकार करें, ये गुमराह बच्चे हैं। इन्हें मार्ग दिखाना हमारा काम है। कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है। खून निकल आता है, पर हम दांत तोड़ नहीं देते।
मुझे और मेरी मां को गालियां दी गईं…ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाना हमारा काम
प्रधानमंत्री ने देर रात जारी किया वीडियो संदेश pic.twitter.com/wkadhuj0jQ
— Live Dainik (@Live_Dainik) August 1, 2026
वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, 'मैं इन बच्चों को कहता हूं, बच्चों आओ, हम देश के लिए साथ मिलकर के आगे बढ़ें, कुछ नया सीखें। गलतियों से भी सीखें, अपने सपनों को लेकर के चल पड़ें। देश बहुत आगे बढ़ रहा है, आगे बढ़ने वाला है।आपका भी आगे बढ़ना निश्चित हो, यही मेरा सपना है।मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्जवल भविष्य के लिए खपता हूं।'
ये मामला 23 जुलाई 2026 का है। उस दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र और युवा प्रदर्शन कर रहे थे। इसी प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह नाम की युवती का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करती दिखाई दी। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद इस पर कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि युवती द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ है और इससे समाज में वैमनस्य फैलने तथा सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका पैदा होती है।







