रांची:भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची ने गुरुवार को खूंटी जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) थाना सह महिला थाना की प्रभारी एवं पुलिस अवर निरीक्षक सपना सुलेखा को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ACB के अनुसार, थाना प्रभारी पर एक आपराधिक मामले से नाम हटाने के एवज में कुल 4.50 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, खूंटी जिले के हुरलूंग गांव निवासी श्याम कुमार ने ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ एएचटीयू थाना कांड संख्या 06/2025 में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। शिकायतकर्ता का कहना था कि वह इस मामले में निर्दोष हैं और उन्हें गलत तरीके से अभियुक्त बनाया गया है।

शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करने और अपना पक्ष रखने के लिए थाना प्रभारी से संपर्क किया, तब कथित रूप से उनसे कहा गया कि यदि केस से राहत चाहिए तो इसके लिए 4.50 लाख रुपये देने होंगे। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए पूरे मामले की सूचना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी।एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरे मामले का सत्यापन कराया। ब्यूरो का दावा है कि सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने के आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(क) के तहत रांची एसीबी थाना में कांड संख्या 15/2026, दिनांक 29 जुलाई 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई।
एफआईआर दर्ज होने के बाद एसीबी की विशेष ट्रैप टीम ने गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। ब्यूरो के अनुसार, शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते ही थाना प्रभारी सपना सुलेखा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के साथ ही पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की गई।एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जा रही है तथा मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। जरूरत पड़ने पर अन्य साक्ष्यों और दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। एसीबी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तत्काल ब्यूरो को दें। शिकायत मिलने पर गोपनीय तरीके से जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।







