CJP का सरकार को अल्टीमेटम, छात्रों पर पुलिस का एक्शन रोकें, गारंटी पर अमल करें नहीं तो फिर से उतरेंगे सड़क पर

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July 27, 2026

CJP का सरकार को अल्टीमेटम, छात्रों पर पुलिस का एक्शन रोकें, गारंटी पर अमल करें नहीं तो फिर से उतरेंगे सड़क पर

डेस्कः नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। सीजेपी की ओर से कहा गया है कि छात्रों पर हो रही पुलिस कार्रवाई रोका जाए, बिहार में जेल भेजे गए छात्रों को 24 घंटे के अंदर रिहा किया जाए और 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुए समझौते को अमल में लाया जाए नहीं तो एक बार फिर से उनका आंदोलन शुरू हो जाएगा। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका रांका ने कहा कि समझौते में कहा गया था कि आंदोलनकारियों के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद भी बिहार और बंगाल में बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा दिल्ली में सैकड़ों छात्रों को सर्विलांस किया गया है या फिर उनका उत्पीड़न हुआ है।ऐसा कई राज्यों में हो रहा है।
दिल्ली और आसपास के कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की बात भी सामने आई है।हमारी डिमांड है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी केसों को तुरंत वापस लिया जाए। इसके अलावा भविष्य में भी इस आंदोलन से जुड़े मामलों में केस दर्ज न किए जाएं। हमारी डिमांड है कि कल तक आप इस संबंध में हमें जानकारी दें। यह बताएं कि भारत सरकार कब क्या कर रही है या करेगी। यही नहीं उन्होंने कहा कि यदि इन केसों को वापस नहीं लिया गया और पुलिस का एक्शन जारी हुई तो हम फिर से जंतर मंतर पर बैठने को मजूबर होंगे और आंदोलन करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता और सपा के राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के साथ सोमवार को जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि 25 जुलाई को सरकार द्वारा उनकी मांगें मानने के बाद आंदोलन वापस लिया गया था, लेकिन उन्हें पहले से आशंका थी कि आंदोलन की रफ्तार कम होते ही छात्रों को एक-एक कर निशाना बनाया जाएगा। सौरव दास ने कहा कि आंदोलन खत्म होने से पहले और उसके बाद भी उनकी कपिल सिब्बल से लगातार बातचीत होती रही।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यही तरीका रहा है कि पहले आंदोलन को शांत कराया जाता है और फिर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी जाती है।उन्होंने कहा कि सीजेपी उन सभी छात्रों की मदद कर रही है जिनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई हो रही है।


25 जुलाई को समझौते के बाद खत्म हुआ था आंदोलन
हालांकि अब तक कहीं से ऐसी पुष्ट जानकारी नहीं मिली है कि आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है या फिर उन्हें अरेस्ट किया गया है। आशुतोष रांका ने भी किसी केस का उदाहरण अपनी बात में नहीं दिया। बता दें कि 25 जुलाई को सरकार और सीजेपी के बीच एक समझौता हुआ था। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया था और उसी दिन सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ बैठे मंत्रियो ने बताया था कि छात्रों पर केस दर्ज नहीं होंगे। पहले से दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा। बता दें कि छात्रों के साथ समझौते में जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद थे।इसके अलावा सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल तुड़वाने भी यही नेता गए थे।

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