रांचीः झारखंड पुलिस ने जिस शख्स को पशु तस्कर मानते हुए एफआईआर दर्ज की, उसी शख्स के लिए डीजीपी कार्यालय के आदेश पर पशुधन के नाम पर मदद और सुरक्षा देने का सहयोग पत्र जारी कर दिया गया। पशु तस्करी के आरोपी करे सहयोग देने का पत्र सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यशौली और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है। फरवरी 2026 को तत्कालीन आईजी अभियान के द्वारा सभी जिलों के एसपी को सुरक्षा और मदद के लिए पत्र जारी किया गया।

क्या है पूरा मामला?:
जानकारी के अनुसार, महावीर सिंह यादव नामक व्यक्ति ने खुद को ‘झारखंड राज्य पशु विक्रेता संघ’ का अध्यक्ष बताते हुए नौ फरवरी को झारखंड पुलिस मुख्यालय को एक पत्र लिखा था। अपने पत्र में महावीर सिंह यादव ने दावा किया था कि झारखंड में ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ के तहत लाभुकों को दुधारू पशुओं की आपूर्ति की जाती है।इसके लिए आपूर्तिकर्ता उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या), अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर और बलिया से पशुओं को खरीदकर बिहार (बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, जमुई) और झारखंड (चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, रांची) के रास्तों से लाते हैं। महावीर सिंह ने शिकायत की थी कि पशुओं के इस परिवहन के दौरान रास्ते में पुलिस और असामाजिक तत्वों द्वारा आपूर्तिकर्ताओं को परेशान किया जाता है।
तत्कालीन आईजी अभियान ने जिलों को जारी किया आदेश:
इस आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए फरवरी महीने में तत्कालीन आईजी अभियान ने रांची व धनबाद के एसएसपी तथा हजारीबाग, गिरिडीह और चतरा के एसपी को पत्र लिखा। पत्र में प्रासंगिक आवेदन पर आवश्यक कार्रवाई और परिवहन में मदद करने का निर्देश दिया गया। इसकी प्रतियां संबंधित आईजी, डीआईजी और एडीजी (अभियान) को भी भेजी गईं। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में जो सबसे चौकाने वाली बात सामने आई, वह यह है कि मदद मांगने वाला महावीर सिंह यादव खुद झारखंड के अलग-अलग जिलों में पशु तस्करी के गंभीर मामलों में नामजद आरोपी है।
चौपारण (हजारीबाग) केस संख्या 61/21:
सात फरवरी 2021 की देर रात चोरदाहा चेकपोस्ट पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक 12 चक्का ट्रक (WB37C 9429) को जब्त किया। ट्रक में 14 मवेशी (6 गाय, 3 भैंस और 5 बछड़े) क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंस कर लदे हुए थे, जिन्हें जीटी रोड के रास्ते कोलकाता ले जाया जा रहा था। गिरफ्तार चालक जितेंद्र सिंह ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया था कि ये मवेशी देवघर निवासी महावीर सिंह यादव के कहने पर लोड किए गए थे और बंगाल पहुंचने के बाद आगे की डिलीवरी का ठिकाना बताया जाना था।

नाला (जामताड़ा) – प्राथमिकी (दिनांक: 31/07/2022):
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने महेशमुंडा चेकनाका के पास त्रिपाल से ढके दो ट्रकों (WB11C-6265 और WB11D-2265) को रोका। जांच में ट्रकों के भीतर मवेशी और उनके बच्चे बेहद क्रूरता से भरे मिले, जो भूख-प्यास से तड़प रहे थे। ट्रक चालकों (रजनीश कुमार और कमला यादव) ने कोई वैध कागजात पेश नहीं किए और कबूल किया कि वे पशु तस्कर महावीर सिंह यादव की देखरेख में मवेशियों का अवैध परिवहन कर रहे थे। इसके बाद नाला थाने में महावीर सिंह यादव समेत अन्य पर FIR दर्ज की गई थी।

उठ रहे गंभीर सवाल:
एक तरफ जहां पुलिस के अपने ही थानों में महावीर सिंह यादव के खिलाफ पशु तस्करी और क्रूरता के मुकदमे दर्ज हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस मुख्यालय द्वारा उसी व्यक्ति के आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जिलों के कप्तानों को दिशानिर्देश जारी कर दिए गए।


