पटना: बिहार पुलिस में करीब 200 सिपाहियों की प्रोन्नति कमजोर हिंदी के कारण अटक गई है। इन सिपाहियों को हवलदार और सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद पर प्रोन्नति दी जानी थी, लेकिन वे हिंदी परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए। इनमें से अधिकांश हिंदी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा भी पास नहीं कर सके।
हिंदी टिप्पण एवं प्रारूपण एक अनिवार्य विभागीय परीक्षा है। इसमें पुलिसकर्मियों को सरकारी कामकाज, पत्राचार तथा फाइलों पर टिप्पणी लिखनी होती है। परीक्षा में अशुद्धियां पाए जाने के कारण इन सिपाहियों का प्रमोशन रोक दिया गया है।
2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला प्रमोशन
बिहार पुलिस मुख्यालय ने पिछले एक पखवाड़े में करीब दो हजार पुलिसकर्मियों को प्रोन्नति दी है। इनमें 1545 सिपाहियों को एएसआई तथा 79 को हवलदार के पद पर पदोन्नति मिली है।इसके अलावा चालक संवर्ग के 343 पुलिसकर्मियों को अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक और चालक हवलदार के पद पर प्रोन्नति दी गई है।इसी प्रोन्नति सूची में लगभग 550 पुलिसकर्मी विभिन्न कारणों से पदोन्नति के पात्र नहीं पाए गए। इनमें हिंदी परीक्षा में अनुत्तीर्ण होना, विभागीय कार्रवाई लंबित रहना तथा अन्य प्रशासनिक कारण प्रमुख रहे।
इन कारणों से नहीं मिल सकी पदोन्नति
सेवा संपुष्टि नहीं होने, वृहद दंड के कुप्रभाव, बुनियादी प्रशिक्षण में असफल रहने तथा पीटीसी परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के कारण भी बड़ी संख्या में सिपाहियों को प्रोन्नति नहीं मिल सकी। पुलिस मुख्यालय ने कार्यकारी प्रभार के तहत शेष पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


