पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में सिवान में पदस्थापित उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की। ईओयू की अलग-अलग टीमों ने पटना, मुंगेर और सिवान में स्थित उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
आय से अधिक संपत्ति का आरोप: आर्थिक अपराध इकाई से मिली जानकारी के अनुसार, विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त सूचना के सत्यापन के बाद अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-13/26, दिनांक 8 जुलाई 2026 दर्ज किया गया। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है।

पांच ठिकानों पर छापेमारी: ईओयू ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद गुरुवार सुबह से एक साथ पांच अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
आय से 201.97 प्रतिशत अधिक संपत्ति: जांच एजेंसी के अनुसार, सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 2 करोड़ 36 लाख 31 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। यह राशि उनकी वैध आय की तुलना में करीब 201.97 प्रतिशत अधिक बताई गई है। प्रारंभिक जांच में मिले इन तथ्यों के आधार पर ईओयू ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।
पटना से लेकर मुंगेर तक छापेमारी: ईओयू की टीम जिन पांच स्थानों पर तलाशी ले रही है, उनमें पटना के दानापुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर स्थित आवास, मुंगेर के कासिम बाजार थाना क्षेत्र के चंदनबाग स्थित पैतृक आवास, मुंगेर के ही लल्लूपोखर स्थित व्यवसायिक भवन, सिवान शहर में स्थित उत्पाद विभाग का कार्यालय कक्ष तथा सिवान नगर थाना क्षेत्र के चित्रगुप्त नगर रजिस्ट्री ऑफिस के पीछे स्थित किराये का आवास शामिल हैं।
खंगाले जा रहे वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड: छापेमारी के दौरान दस्तावेज, बैंक खातों से संबंधित अभिलेख, अचल एवं चल संपत्तियों के कागजात, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच की जा रही है।अधिकारियों की टीम संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड का भी मिलान कर रही है। आर्थिक अपराध इकाई ने बताया है कि तलाशी अभियान अभी जारी है।


