DESK : लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति में सत्य, न्याय और आदर्श के प्रतीक हैं। ऐसे में उनके नाम पर होने वाली किसी भी बैठक या निर्णय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का पूर्वाग्रह या पक्षपात नहीं होना चाहिए।सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी आस्था भगवान श्रीराम में है और इसी आस्था के आधार पर वे ट्रस्ट की बैठक से यह अपेक्षा करते हैं कि पहले की तरह किसी को बचाने या किसी विशेष व्यक्ति के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास न किया जाए। उन्होंने कहा कि बैठक पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से संपन्न होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं और लोगों को यह विश्वास मिलना चाहिए कि भगवान श्रीराम के नाम पर लिए जाने वाले निर्णय सत्य और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित होंगे। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या आरोपों की जांच का विषय है तो उस पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाए और किसी भी व्यक्ति को बचाने की कवायद नहीं होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि न्याय, मर्यादा और सत्य के सर्वोच्च आदर्श हैं। इसलिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक भी उन्हीं मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में पारदर्शिता बरती जाएगी और ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे जनता के मन में किसी प्रकार का संदेह उत्पन्न हो। अंत में सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी एकमात्र अपेक्षा यही है कि भगवान श्रीराम के नाम पर होने वाली इस बैठक में निष्पक्षता, ईमानदारी और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता हो तथा किसी को बचाने की कोई कोशिश न की जाए।


