दुमकाः जिले के मसलिया प्रखंड के सापचला गांव में संचालित दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र में रात के भोजन खाने से अचानक 20 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। सभी को नजदीकी मसलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया था, जहां पांच छात्राओं की स्थिति को देखते हुए उन्हें दुमका स्थित पीजेएमसीएच रेफर कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पिछले कुछ महीने से दुमका जिले के मसलिया प्रखंड के सापचला गांव स्थित आईटीआई परिसर में दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र संचालित हो रहा है। शनिवार की रात छात्राओं ने भोजन किया और सब अपने-अपने कमरे में में चली गई। थोड़ी देर बाद एक छात्रा अचानक कहने लगी कि उसके खाने में छिपकली निकली है। यह सुनकर छात्राओं की भीड़ इकट्ठा हो गई।
इसके बाद किसी को उल्टी होना शुरू हो गया तो किसी को घबराहट होने लगी। जिसके बाद 20 छात्राओं को तत्काल नजदीक के मसलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जिसमें तत्काल इलाज के बाद 15 लोगों को छुट्टी दे दी गई। जबकि पांच छात्राओं को लगातार उल्टी हो रही थी, उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें दुमका स्थित पीजेएमसीएच में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद चिकित्सकों ने रविवार को उन्हें भी छुट्टी दे दी।
पीजेएमसीएच के सुपरिटेंडेंट डॉ. रुबेन हांसदा ने बताया कि फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद छात्राओं को इलाज के लिए यहां लाया गया था। सभी का इलाज किया गया और स्थिति ठीक होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। भोजन में छिपकली निकलने की बात पूछे जाने पर डॉ रुबेन ने कहा कि अस्पताल में किसी तरह की छिपकली लाकर दिखाई नहीं गई है।
दो दिन पहले भी बच्चे हुए थे बीमार
बता दें कि दुमका में पिछले दो दिनों के अंदर इस तरह से यह दूसरा मामला है। दो दिन पहले शिकारीपाड़ा प्रखंड के खाडूकदमा गांव में जहरीले फल का बीज खाने से कुछ बच्चे बीमार पड़ गए थे। हालांकि, इलाज के बाद सभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है।


