पटना: PMCH में पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला को डिस्चार्ज किए जाने के बाद कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से छुट्टी दिए जाने की जानकारी मिलते ही उनके स्वजन अधीक्षक कक्ष पहुंच गए।उन्होंने अस्पताल के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इलाज जारी रखने की मांग की। इस दौरान स्वजन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच काफी देर तक बहस और नोकझोंक होती रही। मामले को लेकर अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्वजनों ने इलाज अधूरा होने का जताया विरोध
मुन्ना शुक्ला के स्वजनों का कहना था कि उन्हें लंबी अवधि के उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऐसे में महज तीन दिन के भीतर डिस्चार्ज करना उचित नहीं है।उन्होंने चिकित्सकीय फैसले पर सवाल उठाते हुए इलाज जारी रखने की मांग की। कुछ देर तक दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों ने उन्हें पूरी स्थिति समझाने का प्रयास किया।
डॉक्टर बोले- स्वास्थ्य सामान्य, इसलिए मिली छुट्टी
पीएमसीएच के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नागेश्वर शर्मा ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर मुन्ना शुक्ला को भर्ती किया गया था।अस्पताल में उनका मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया गया।ऑपरेशन के बाद लगातार जांच और परीक्षण किए गए, जिनकी सभी रिपोर्ट सामान्य आईं। चिकित्सकीय मानकों के अनुसार स्वास्थ्य संतोषजनक मिलने पर उन्हें डिस्चार्ज किया गया। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि निर्णय पूरी तरह मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया गया।
पुलिस की मौजूदगी में शांत हुआ मामला
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि डिस्चार्ज की प्रक्रिया पूरी तरह तय नियमों के अनुसार अपनाई गई। मामले के दौरान अस्पताल परिसर में पुलिस और सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहे।स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने स्वजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया। समझाइश के बाद विवाद शांत हो गया और अस्पताल का कामकाज सामान्य हो गया।प्रशासन ने कहा कि मरीज की सेहत को ध्यान में रखते हुए ही डिस्चार्ज का निर्णय लिया गया।


