रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में 27 एजेंडों पर मुहर लगी है। बैठक के दौरान ग्रामीण विकास, प्रशासनिक सुधार और वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी।
सबसे बड़ा फैसला रिम्स 2.0 परियोजना को लेकर हुआ। इसके लिए 4189.41 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। परियोजना के संचालन के लिए जागृति पीएमयू का गठन होगा। वहीं, IIM रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और XISS रांची को इम्पैक्ट असेसमेंट की जिम्मेदारी दी गई है।कैबिनेट की मंजूरी पाने वाले प्रमुख प्रस्तावों में VB-GRAM G योजना भी शामिल है।
कैबिनेट ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में इंटर्नशिप करने वाले विदेशी मेडिकल स्नातकों को भी राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के नियमों के अनुसार स्टाइपेंड देने का फैसला किया है। वहीं, वर्ष 2015 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कराईकेला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिकांत प्रसाद को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी भी दी गई।
सड़क निर्माण से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। पाकुड़ में दो सड़क परियोजनाओं के लिए 128.20 करोड़ रुपये, दुमका में गोविंदपुर-साहिबगंज सड़क के चौड़ीकरण के लिए 221.40 करोड़ रुपये, साहिबगंज में गोपालाडीह-भोगनाडीह सड़क निर्माण के लिए 88.84 करोड़ रुपये, रांची में धुर्वा गोलचक्कर से पुलिस मुख्यालय तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 36.30 करोड़ रुपये और चतरा में सिमरिया-टंडवा सड़क के सुधार के लिए 33.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के प्रखंडों और अंचलों में अधिकारियों की नई पदस्थापन व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया। इसके अलावा झारखंड योजना सेवा नियमावली 2026, राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग नियमावली 2026 और निम्न वर्गीय लिपिक सह कंप्यूटर संचालक सेवा संवर्ग नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई।अब सभी नवनियुक्त सरकारी कर्मियों के लिए पदभार ग्रहण करते समय निष्ठा और गोपनीयता की शपथ लेना अनिवार्य होगा।


