प्रभु जगन्नाथ का देव स्नान आज, 15 दिनों तक रहेंगे एकातंवास, 15 जुलाई को नेत्रदान, 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा

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June 29, 2026

प्रभु जगन्नाथ का देव स्नान आज, 15 दिनों तक रहेंगे एकातंवास, 15 जुलाई को नेत्रदान, 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा

रांचीः प्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारी शुरू हो गई हैं, सोमवार को देव स्नान यात्रा होगी। दोपहर एक बजे स्नान यात्रा पूजा शुरू होगी। जिसका समापन 1.45 बजे होगा। दोपहर 1.50 बजे आरती और दो बजे से 3.30 बजे तक दर्शनार्थियों द्वारा भगवान का जलाभिषेक किया जायेगा। इसके बाद 108 मंगल आरती, जगन्नाथ अष्टकम व गीता का पाठ होगा। शाम चार बजे भगवान 15 दिनों के लिए बीमार रहेंगे और एकांतवास में चले जाएंगे। इसके बाद भगवान का दर्शन नहीं होगा। 15 दिनों तक केवल राधा कृष्ण की प्रतिमा दर्शन देंगे। 15 जुलाई को भगवान एकांतवास से बाहर आयेंगे। उसके बाद नेत्रदान होगा और अगले दिन भगवान रथ पर सवार होकर नौ दिनों के लिए मौसीबाड़ी जायेंगे। वहीं 25 जुलाई को वहां से मुख्य मंदिर लौटेंगे।
स्नान यात्रा के लिए 53 घड़े मंगाये गये
देव स्नान यात्रा को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गयी है। इसके लिए 53 घड़े मंगाये गये है। इसके अलावा अश्वगंधा, मधु, हल्दी, इत्र, गंगाजल सहित अन्य पूजन सामग्री मंगायी गयी है, जिन्हें मिलाकर भगवान को स्नान कराया जायेगा। सबसे पहले भगवान बलभद्र स्वामी, उसके बाद बहन सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ स्वामी को स्नान कराया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भक्तों के द्वारा भगवान को अत्यधिक स्नान करा दिये जाने के कारण वे बीमार पड़ जाते हैं और 15 दिनों के लिए एकांतवास के लिए गरुड़ मंदिर चले जाते है। उधर, रथयात्रा को लेकर रथ का निर्माण कार्य चल रहा है।इस दौरान भगवान का पंचगव्य- दूध, शहद, इत्र, घी और गंगाजल से महाभिषेक होगा और महाआरती होगी।साथ ही भगवान जगन्नाथ की कथा के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। सनातन संस्कृति और पुरी की परंपरा के अनुसार, इस रथयात्रा महाउत्सव की शुरुआत स्नान पूर्णिमा से होती है।

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