डेस्कः राम मंंदिर में कथित चंदा चोरी के आरोप के बाद से मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इसे मामले में UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख का असर साफ देखने को मिला है। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। SIT की शुरुआती रिपोर्ट में कठोर संस्तुति के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। एसआईटी की सिफारिश पर मामले में पहली FIR पहले ही दर्ज की जा चुकी है। इस्तीफों को जांच में हुई कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया है। इससे पहले इसी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर पहली FIR दर्ज की गई। एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसआईटी फिलहाल कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसी आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड और कथित लेन-देन की पड़ताल में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ कड़ी सिफारिशें की गई थीं, जिसके बाद जांच की रफ्तार और तेज हुई।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर कहा, “चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे से इस समस्या का कोई हल नहीं होने वाला है। अगर सैकड़ों या हजारों करोड़ की लूट हुई है, तो चंपत राय के पास ही पैसा थोड़ी गया है? यह बहुत बड़ा मसला है।”


