बैद्यनाथ राम और परिमल नाथवानी ने राज्यसभा सांसद के रूप में ली शपथ, JMM सांसद ने उपराष्ट्रपति का पैर छूकर लिया आशीर्वाद

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June 25, 2026

Baidyanath Ram and Parimal Nathwani took the oath as Rajya Sabha MPs; the JMM MP sought blessings by touching the Vice President's feet.

रांचीः झारखंड में राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैद्यनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय सांसद परिमल नाथवानी ने गुरुवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नवनिर्वाचित सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।


18 जून को झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव में जेएमएम के बैद्यनाथ राम ने 30 वोट पाकर जीत दर्ज की। वहीं एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और उद्योगपति परिमल नाथवानी ने 28 वोट पाकर कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को शिकस्त दी। इस चुनाव में गठबंधन की ओर से हुई क्रॉस वोटिंग का परिमल नाथवानी को फायदा हुआ था। कांग्रेस ने आरजेडी और माले पर गठबंधन धर्म नहीं निभाते हुए क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया था। चुनाव परिणाम आने के एक हफ्ते बाद भी आरजेडी और कांग्रेस के बीच जमकर बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने विधायकों पर पैसे लेकर बिक जाने का आरोप लगाया और अपनी हार के बाद मुख्यमंत्री से इसपर कार्रवाई करने की उम्मीद जाहिर की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सभी पार्टी के नेतृत्व को पता है कि किसने क्रॉस वोटिंग की है।

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राज्यसभा चुनाव परिणाम के बाद एक ओर महागठबंधन में बयानबाजी हो रही है दूसरी ओर गुरुवार को झारखंड से नवनिर्वाचित दोनों सांसदों ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। बैद्यनाथ राम झारखंड सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके है और पहली बार राज्यसभा चुनाव जीतकर आए है, वो जेएमएम की ओर से बड़े दलित चेहरा है, खासतौर पर पलामू प्रमंडल को हेमंत सोरेन ने बैद्यनाथ राम को राज्यसभा भेजने राजनीतिक रूप से साधने की कोशिश की है। वहीं परिमल नाथवानी तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा सांसद चुनकर गए है, वो इससे पहले 2008 और 2014 में यहां से निर्वाचित होकर राज्यसभा जा चुके है। राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद बैद्यनाथ राम ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के पैर को छूकर आशीर्वाद लिया। सीपी राधाकृष्ण का झारखंड कनेक्शन रह चुका है, वो झारखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी निभा चुके है। जब हेमंत सोरेन कथित जमीन घोटाले में ईडी के द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे उस समय सीपी राधाकृष्णन ही झारखंड के राज्यपाल थे। इसके बाद सीपी राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल बनाए गए और फिर जगदीप धनकड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति बनाये गए।

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