भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर FIR

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June 23, 2026

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर FIR

पटनाः भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ आया। इस मामले में शामिल जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), शाहपुर थाना अध्यक्ष समेत एनकाउंटर में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एनकाउंटर को लेकर उठे सवालों और परिजनों की शिकायत के आधार पर की गई है। मामले की जांच पहले से ही विभिन्न स्तरों पर चल रही है और अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच को नया मोड़ मिल गया है।
गौरतलब है कि भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इस मामले को लेकर राज्यभर में राजनीतिक बयानबाजी भी हुई और न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं।


परिवार ने दी ये चेतावनी
बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सात दिन बीत जाने के बाद अब मृतक के परिवार का दर्द और आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। परिजनों ने सरकार द्वारा घोषित न्यायिक जांच पर अविश्वास जताते हुए चेतावनी दी है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो पूरा परिवार सामूहिक आत्मदाह करने को मजबूर होगा। भरत तिवारी की मौत को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन परिवार अब भी इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।परिजनों का कहना है कि मामले से जुड़े कई सबूत पहले से सार्वजनिक हैं, ऐसे में केवल जांच की घोषणा से उन्हें संतोष नहीं है।
भाई ने क्या कहा?
मृतक के भाई चंदन तिवारी और पूरे परिवार ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें सरकार की न्यायिक जांच पर भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि मामले में न्याय मिलने में देरी हो रही है, जबकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हमारा पूरा परिवार आत्मदाह करेगा। हम सिर्फ जांच नहीं, दोषियों को सजा चाहते हैं।' वहीं भरत तिवारी के मोबाइल को पुलिस के द्वारा अभी तक नहीं दिए जाने को लेकर मृतक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि घटना के समय युवक के पास दो मोबाइल फोन थे। इनमें से एक मोबाइल तथा उसकी मोटरसाइकिल उन्हें वापस कर दी गई है, लेकिन दूसरा निजी मोबाइल अब भी पुलिस के कब्जे में है।

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