रांची:एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने रिश्वत के 20 वर्ष पुराने मामले में गुमला जिले के सिसई प्रखंड के तत्कालीन पंचायत सेवक 75 वर्षीय सत्यनारायण राम को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।अदालत ने उसे इस आरोप में एक साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर आठ महीने अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अभियुक्त पूर्व में पांच माह 20 दिन जेल काट चुका है।अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2006 में सिसई प्रखंड के पंचायत सेवक सत्यनारायण राम ने इंदिरा आवास योजना से संबंधित रिपोर्ट भेजने के एवज में आवेदक नसीम खान से 500 रुपये रिश्वत की मांग की थी।
500 रुपये घूस लेते गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने जाल बिछाकर 7 अप्रैल 2006 को आरोपित को 500 रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता, सत्यापन पदाधिकारी, विशेष दंडाधिकारी और ट्रैप टीम के सदस्यों की गवाही तथा बरामदगी से जुड़े साक्ष्य को विश्वसनीय माना।मामले में विशेष लोक अभियोजक आलोक कुमार ने अदालत के समक्ष 14 गवाहों को प्रस्तुत किया था। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष रिश्वत की मांग, स्वीकार करने और राशि की बरामदगी साबित करने में सफल रहा है।


