रांचीः झारखंड राज्यसभा चुनाव की स्क्रूटनी प्रक्रिया के दौरान पिछले 24 घंटे से फंसा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। भारी विवादों और आपत्तियों के बीच निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पर लगा होल्ड हटा लिया गया है।चुनाव अधिकारी ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद नाथवानी के नामांकन पत्र को पूरी तरह वैध (Valid) करार दिया है, राज्यसभा चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार इसकी आधिकारिक घोषणा की।

कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर पर लगाए आरोप
इस फैसले के बाद अब झारखंड राज्यसभा की रेस बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गई है। प्रदर्शन कर रहे भाजपा के कार्यकर्ता खुशी मनाते हुए बाहर निकले। वहीं कांग्रेस ने निर्वाची पदाधिकारी पर नाथवानी और भाजपा को सपोर्ट करने का आरोप लगाया।वहीं वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार पर परिमल नाथवानी तथा भाजपा को सपोर्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने निर्वाची पदाधिकारी पर नया नामांकन पत्र लेने का भी आरोप लगाते हुए कहा- शीघ्र निर्णय लें निर्वाची पदाधिकारी, ताकि कांग्रेस आगे मूव कर सके। वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद को कांग्रेस का पक्ष नहीं रखने दिया गया।कांग्रेस के सभी विधायक अब प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अगुवाई में दिल्ली जाएंगे। सभी 16 विधायक वहां राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलेंगे और राज्यसभा चुनाव को लेकर वास्तिविक स्थिति रखेंगे। कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए है। मंत्री इरफान अंसारी ने तो फ्रेश एफिडेविट लेने का आरोप रिटर्निंग ऑफिस पर लगाया। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने रिटर्निंग ऑफिस के ऑफिस का नाम बीजेपी कार्यालय करने देंगे तक के आरोप लगाए। इन सभी स्थिति से कांग्रेस आलाकमान को अवगत कराया जाएगा।
नाम और HUF विवाद पर थमा सस्पेंस
बुधवार को स्क्रूटनी के दौरान परिमल नाथवानी के नाम और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों पर गंभीर आपत्तियां उठाई गई थीं। इसके बाद चुनाव अधिकारी ने उनके नामांकन को होल्ड पर रख दिया था। आज दोनों पक्षों की मैराथन सुनवाई और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया गया और नथवाणी को क्लीन चिट मिल गई।
दिल्ली से बुलाए गए सलमान खुर्शीद, विधानसभा के बाहर-भीतर कांग्रेस का भारी हंगामा
परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द कराने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। विरोध को कानूनी रूप से मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने देश के मशहूर वकील और वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद को विशेष रूप से दिल्ली से रांची बुलाया था।हालांकि, सुरक्षा और नियमों का हवाला देते हुए सलमान खुर्शीद को विधानसभा के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उनको पहुंचने में देरी हो गई थी। दरअसल सलमान देर से विधानसभा पहुंचे, भाजपा ने विरोध किया जिस कारण से वे अपना पक्ष नहीं रख सके। सुनवाई पहले ही पूरी हो गई थी। सलमान खुर्शीद ने बाहर आकर मीडिया को ब्रीफ किया।
अब रण में तीन धुरंधर: त्रिकोणीय हुआ मुकाबला
नथवाणी का रास्ता साफ होने के बाद अब चुनावी मैदान में मुख्य रूप से तीन उम्मीदवार आमने-सामने हैं:
1. वैद्यनाथ राम (झामुमो-गठबंधन)
2. प्रणव झा (कांग्रेस)
3. परिमल नथवाणी (निर्दलीय)
क्या बैठ रहा है जीत का समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सत्ताधारी गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार वैद्यनाथ राम की जीत आंकड़ों के लिहाज से तय मानी जा रही है। असली और दिलचस्प लड़ाई दूसरी सीट को लेकर फंसी है।अब मुकाबला सीधे तौर पर कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय मैदान में उतरे परिमल नथवाणी के बीच होना है। नाथवानी के नामांकन को मंजूरी मिलने के बाद अब विधायकों के जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं तेज हो गई हैं, जिससे कांग्रेस खेमे में बेचैनी बढ़ सकती है।



