पटनाः मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सोमवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।आग लगने के समय विभाग में दो शिफ्टों में परीक्षा चल रही थी। विभाग से उठती लपटों और धुएं को देखकर छात्र, कर्मचारी और आसपास के दफ्तरों के कर्मी बाहर निकल आए।फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।हादसे के वक्त यहां एग्जाम चल रही थी। आग लगते ही छात्रों को भी यहां से निकाला गया। आग से HIV वायरस लोड दफ्तर पूरी तरह से जलकर खाक हो गया है। फ्रीजर, AC, डॉक्यूमेंट्स, महंगे केमिकल समेत डेढ़ करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।इससे HIV के मरीजों की जांच प्रभावित होगी। बाहर के जिलों से भी जांच यहीं आती है। इससे पहले अप्रैल में इसी विभाग में आग लगी थी।
एग्जाम के दौरान लगी आग
PMCH के अधीक्षक प्रोफेसर राजीव कुमार सिंह ने बताया, दोपहर 2 बजे के करीब माइक्रोबायोलॉजी विभाग में आग लगने की जानकारी मिली थी। घटना का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।हालांकि उस समय छात्रों का एग्जाम चल रहा था, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग की टीम को 24×7 अस्पताल में तैनात रखा गया है। ताकि ऐसी घटना में तत्काल काबू पाया जा सके।
ऐसे में अग्निशमन विभाग की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल पूरे घटना की जांच और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।माइक्रोबायलॉजी डिपार्टमेंट के HOD प्रत्युल नंदन ने बताया, 2 शिफ्ट में माइक्रोबायलॉजी का एग्जाम चल रहा था। उसी में हम लोग निकलने वाले थे। तब तक धुंआ उठाना शुरू हुआ।सबसे पहले हम लोगों ने बिजली की सप्लाई काटी। तब तक लपटें तेज हो गई थीं। बुझाने की कोशिश भी की गई। जब नहीं बुझी तो फायर को खबर की गई।आग लगने के बाद सबको बाहर निकाल लिया गया था। जान का नुकसान नहीं है। कमरे में रखे डॉक्यूमेंट्स, दवा, केमिकल, और अन्य दूसरे फर्नीचर के सामान पूरी तरह से जलकर खाक हो गए हैं।
शॉर्ट-सर्किट की आशंका, जांच के आदेश
जिला फायर कमांडेंट रितेश पांडेय के अनुसार कंट्रोल रूम को दोपहर 2:10 बजे आग लगने की सूचना मिली थी।PMCH परिसर में अग्निशमन व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण पहले से एक फायर टेंडर तैनात था, जबकि सूचना मिलते ही छह अन्य गाड़ियां भी रवाना की गईं।प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट-सर्किट मानी जा रही है। हालांकि मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।
दो महीने में तीसरी बार आग, बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि अप्रैल महीने में भी PMCH के पैथोलॉजी विभाग में आग लगी थी, जिसमें मशीनें, दस्तावेज और अन्य सामान जल गए थे।उस घटना के पीछे भी शॉर्ट-सर्किट को कारण बताया गया था।इसके अलावा हाल ही में स्त्री एवं प्रसूति विभाग के पुराने भवन में भी आग लगने की घटना सामने आई थी।लगातार हो रही अगलगी की घटनाओं ने देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल PMCH की सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


