SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला , निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए गहन पुुनरीक्षण को बताया जरुरी

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May 27, 2026

JSSC CGL का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, हाईकोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती

दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को बरकरार रखा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने जून पिछले वर्ष जारी चुनाव आयोग की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया का सीधा संबंध स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने फैसले में कहा कि कानून स्वयं चुनाव आयोग को किसी भी समय विशेष पुनरीक्षण करने का अधिकार देता है, बशर्ते इसके कारण दर्ज किए जाएं और आयोग उचित प्रक्रिया अपनाए। अदालत ने कहा कि केवल इस आधार पर SIR को अमान्य नहीं ठहराया जा सकता कि यह नियमित पुनरीक्षण की सामान्य प्रक्रिया से पूरी तरह मेल नहीं खाता।

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) और उससे जुड़े नियमों का स्थान नहीं लेती है, बल्कि यह संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को दी गई जिम्मेदारियों को प्रभावी बनाती है और धारा 21(3) के दायरे में ही काम करती है। इसलिए अदालत ने माना कि चुनाव आयोग ने अपने कानूनी अधिकारों की सीमा का उल्लंघन नहीं किया है।

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