लोहरदगा : जिले के कुडू प्रखंड अंतर्गत अति पिछड़े सलगी पंचायत के चूल्हापानी गांव में सोमवार को गंगा दशहरा महोत्सव श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। दामोदर नदी के उद्गम स्थल पर आयोजित इस विशेष महोत्सव में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार शामिल हुए। उन्होंने दामोदर उद्गम स्थल पर पहुंचकर गंगा पूजन, आरती और हवन में भाग लिया। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।

राज्यपाल सड़क मार्ग से चूल्हापानी गांव पहुंचे। वहां से वे जंगली पगडंडियों से होते हुए दामोदर नदी के उद्गम स्थल तक पहुंचे। उनके आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त संदीप कुमार मीना, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी और प्रभारी उपविकास आयुक्त सह परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग के साथ अन्य अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी राज्यपाल का अभिनंदन और स्वागत किया। गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित यह महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और दामोदर नदी के महत्व को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने का भी माध्यम बना।

उद्गम स्थल पर हुई गंगा आरती
राज्यपाल संतोष गंगवार के साथ जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने भी दामोदर नदी के उद्गम स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के बीच श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती में भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। चूल्हापानी गांव में पर्व जैसा वातावरण देखने को मिला। ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में अतिथियों का स्वागत किया। स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिसने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। दूर-दराज गांवों से पहुंचे लोगों ने दामोदर उद्गम स्थल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

नदियां केवल जलधारा नहीं, जीवन की आधार : संतोष गंगवार
महोत्सव को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि भारत की नदियां केवल जलधारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि चूल्हापानी की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण मन को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है। राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। बढ़ते प्रदूषण और जल संकट को देखते हुए समाज को सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने को लेकर देशभर में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज जागरूक होकर नदियों और जलस्रोतों को बचाने का संकल्प ले तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण तैयार किया जा सकता है। राज्यपाल ने ग्रामीणों से प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

22 वर्षों से चल रहा दामोदर बचाओ अभियान : सरयू राय
देवनद दामोदर महोत्सव के मुख्य संरक्षक विधायक सरयू राय ने कहा कि दामोदर नदी को प्रदूषण मुक्त और संरक्षित करने के लिए पिछले 22 वर्षों से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में पंचेत से मैथन तक यात्रा के दौरान जानकारी मिली थी कि दामोदर नदी का वास्तविक उद्गम स्थल लोहरदगा जिले के सलगी पंचायत स्थित चूल्हापानी गांव में है। उन्होंने कहा कि झारखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रवेश करने के बाद दामोदर नदी को “देवनद दामोदर” कहा जाता है। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए यहां प्रतिवर्ष देवनद दामोदर महोत्सव आयोजित किया जाता है। सरयू राय ने कहा कि दामोदर केवल नदी नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत है। इसके संरक्षण के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर कार्य करना होगा।

चूल्हापानी को पर्यटन स्थल बनाने की उठी मांग
महाेत्सव के दौरान विधायक सरयू राय ने राज्यपाल और राज्य सरकार से मांग की कि दामोदर नदी के उद्गम स्थल चूल्हापानी को पर्यटन एवं धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली और पर्यटन संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएं तो यह राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और सलगी पंचायत के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। ग्रामीणों ने भी क्षेत्र के विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग उठाई।

पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी के बीच संपन्न हुआ महोत्सव
पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए। कार्यक्रम में दामोदर बचाओ अभियान से जुड़े अंशुल शरण, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, भाजपा नेता ओमप्रकाश सिंह, बालकृष्ण सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, जिप सदस्य गंगोत्री देवी, एसडीओ अमित कुमार, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, सीओ संतोष उरांव, कुडूथाना प्रभारी अजीत कुमार, मुखिया सुमित्रा देवी समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।





