धनबादः सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने बुधवार को गिरिडीह में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल जीएसटी के एक अधीक्षक और एक निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सीबीआई ने सोशल मीडिया पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी सूचना दी।
इसके मुताबिक, आरोपी सीजीएसटी अधीक्षक और निरीक्षक ने एक व्यवसायी से उसके इनपुट टैक्स क्रेडिट में हुई विसंगति को दूर करने के नाम पर 90 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। पैसे नहीं देने पर उसका जीएसटी नंबर ब्लॉक करने की धमकी दी थी। व्यवसायी ने सीबीआई से इसके शिकायत की। जांच एजेंसी ने मामले की जांच की और आरोप सही पाए जाने के बाद 20 मई को केस दर्ज किया। इसके बाद जाल बिछाया। शिकायकर्ता ने जैसे ही 50 हजार रुपए दिए, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फिर दोनों आरोपियों के कार्यालय और ठिकानों पर देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज खंगाले गए। पूछताछ के बाद दोनों को गरुवार को धनबाद स्थित सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।
90 हजार से शुरू हुई थी बात, 65 हजार में तय हुआ था सौदा:
पूरा मामला गिरिडीह के बिरनी प्रखंड अंतर्गत खाती गांव के निवासी राजू अंसारी से जुड़ा है। राजू अंसारी सरकारी योजनाओं में ईंट, बालू और गिट्टी की आपूर्ति (सप्लाई) का व्यवसाय करते हैं।पिछले तीन साल से राजू अंसारी को तीन करोड़ के जीएसटी बिल को लेकर परेशान किया जा रहा था। इसी महीने उन्हें खरीद-बिक्री के इनवॉइस बिल को लेकर 90 लाख के बिल भुगतान का एक नोटिस थमाया गया। परेशान होकर जब राजू अंसारी ने इंस्पेक्टर बिरजू कुमार से संपर्क किया, तो इंस्पेक्टर ने उन्हें कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी से मिलवाया। पीड़ित के अनुसार, कार्यालय में अधिकारियों का एक सिंडिकेट चल रहा था, जिसमें अनीस कुमार नाम का एक बाहरी व्यक्ति (आउटसाइडर) भी शामिल था। कमिश्नर ने राजू को मामले के निपटारे के लिए इसी अनीस से संपर्क करने को कहा। मामले को रफा-दफा करने के लिए शुरुआत में 90 हजार रुपया की मांग की गई थी। काफी मान-मनौवल के बाद अंतिम सौदा 65 हजार रुपया में तय हुआ, जिसकी पहली किस्त के रूप में बुधवार को 50 हजार दिए जाने थे।
भाकपा माले नेता की पहल पर CBI ने बिछाया जाल:
परेशान पीड़ित राजू अंसारी ने इस पूरे मामले की जानकारी भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा को दी। माले नेता ने तत्परता दिखाते हुए सीधे सीबीआई से संपर्क किया और भ्रष्टाचार की इस शिकायत को दर्ज कराया।शिकायत मिलने के बाद धनबाद सीबीआई के एसपी भंवरलाल मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। बुधवार सुबह ही सीबीआई डीएसपी रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में करीब 15 अधिकारियों की टीम ने गिरिडीह के बरमसिया रोड स्थित जीएसटी कार्यालय में दबिश दे दी,योजना के मुताबिक राजू अंसारी जैसे ही 50 हजार रुपया का लिफाफा लेकर कार्यालय पहुंचे, कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी के इशारे पर उन्होंने वह लिफाफा इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को सौंप दिया।लिफाफा हाथ में आते ही पहले से घात लगाए बैठी सीबीआई की टीम ने सक्रिय होकर दोनों अधिकारियों को रंगेहाथ दबोच लिया।
देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन, अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी:
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने दोनों अधिकारियों को हिरासत में ले लिया और देर शाम तक गिरिडीह जीएसटी कार्यालय में सर्च ऑपरेशन चलाया। कार्यालय के कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क को खंगाला गया है। इसके साथ ही, भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं इसका पता लगाने के लिए सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने आरोपी अधिकारियों के बिहार के नालंदा और झारखंड के जमशेदपुर स्थित आवासों पर भी एक साथ छापेमारी की। हालांकि, इन ठिकानों से अब तक क्या-क्या आपत्तिजनक सामान या नकदी बरामद हुई है, इस पर सीबीआई अधिकारियों ने फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने से इनकार किया है। दोनों अधिकारियों से धनबाद ले जाकर आगे की पूछताछ की जा रही है।


