डेस्कः आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सोमवार को बड़ा झटका लगा। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर आए गुट के विलय को अपनी मंजूरी दे दी है। AAP के 7 सांसदों का एक गुट पिछले हफ्ते पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गया था। AAP की ओर से इन बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई थी, लेकिन सभापति ने इस गुट के बीजेपी में विलय की मंजूरी दे दी।इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना भी जारी कर दी है।
बागी गुट के बीजेपी में विलय होने के साथ ही बीजेपी राज्यसभा में और ताकतवर हो गई है, साथ ही उसके सदस्यों की संख्या भी बढ़ गई।राज्यसभा में बीजेपी के सांसदों की संख्या बढ़कर अब 113 तक पहुंच गई।जबकि पिछले हफ्ते तक 7 सांसदों वाली AAP के पास अब महज 3 सांसद ही रह गए हैं.।AAP छोड़ने वाले 7 सांसदों में से 6 पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं।
MPs Raghav Chadha, Ashok Kumar Mittal, Harbhajan Singh, Sandeep Kumar Pathak, Dr. Vikramjit Singh Sahney, Swati Maliwal and Rajinder Gupta, who quit AAP to join BJP on 24th April, are now listed among the 113 Rajya Sabha MPs of BJP pic.twitter.com/Etof1vbb5g
— ANI (@ANI) April 27, 2026
पिछले हफ्ते छोड़ दी थी पार्टी
आप आदमी पार्टी को पिछले हफ्ते शुक्रवार को तब बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रम साहनी, राजेंद्र गुप्ता और स्वाति मालीवाल ने एक साथ पार्टी छोड़ दी तथा बीजेपी में शामिल हो गए।इन सांसदों ने पार्टी छोड़ने के दौरान आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक गई है।वहीं आम आदमी पार्टी के एक अन्य सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल का दावा है कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उनसे आजाद समूह में शामिल होने के लिए संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था।
सदस्यता रद्द करने की गुहार
वहीं, इससे पहले आम आदमी पार्टी ने रविवार को राज्यसभा चेयरमैन के सामने एक पिटीशन दी थी, जिसमें उन सात सांसदों की मेंबरशिप खत्म करने की मांग की गई थी, जिन्होंने पार्टी बदल ली थी। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने चेयरमैन राधाकृष्णन को एक पिटीशन दी है जिसमें राज्यसभा में पार्टी के उन सात सांसदों को अयोग्य करने की मांग की गई है, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में मर्जर का ऐलान किया था।बता दें, पिछले शुक्रवार को आप (AAP) को तब झटका लगा जब सात राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में मर्जर का ऐलान कर दिया।उनका आरोप था कि केजरीवाल की पार्टी अपने उसूलों, वैल्यूज और नैतिकता से भटक गई है।


