जमशेदपुरः मानगो एनएच-33 पर एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के कारण उड़ती धूल और प्रशासनिक अनदेखी से त्रस्त जनता का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। सुबह करीब पौने 11 बजे विका सिंह के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर विरोध शुरू किया। मौके पर मौजूद निर्माण कर रही एजेंसी के इंजीनियर व जेसीबी को मोटे रस्से से बांधकर बंधक बना लिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पानी के छिड़काव के अभाव में उड़ती धूल से दृश्यता शून्य हो गयी है। इससे बालीगुमा से पारडीह तक का सफर खतरों से भरा हो गया है। दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। कई बार एनएचएआई के अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के विरोध के कारण निर्माण कार्य घंटो ठप रहा। वहीं विकास सिंह ने चेतावनी दी कि जब तक प्रदूषण नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा।
हंगामे के बाद दौड़े अधिकारीः इंजीनियर व जेसीबी को बंधक बनाने की खबर मिलते ही एनएचएआई और काम कर रही एजेंसी के अधिकारी हरकत में आये। आनन-फानन में पानी के टैंकर मंगवाये गये और छिड़काव शुरू किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अब नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव किया जायेगा।
एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर विजय कुमार ने कहा कि एनएच-33 में काम के दौरान धूल उड़ने की समस्या को लेकर एजेंसी के इंजीनियर व जेसीबी को रस्सी से बांधकर विरोध करने की जानकारी एजेंसी ने नहीं दी है। ऐसा किया गया है, तो यह पूरी तरह से गलत है। यदि स्थानीय लोगों को परेशानी है, तो उचित फोरम पर बात करें। सोमवार को इस विषय में उचित कार्रवाई की जायेगी।



