रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम विधानसभा चुनाव में तूफानी कार्यक्रम कर रहे है। सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दो चुनावी सभा को संबोधित करना था लेकिन उनके हेलीकॉप्टर को उड़ने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद हेमंत सोरेन ने मोबाइल फोन के माध्यम से सभा को संबोधित किया।
कल्पना सोरेन के हेलीकॉप्टर को नहीं मिली अनुमति, असम में फोन पर किया सभा को संबोधित, हेमंत ने कहा-जनसमर्थन बदलाव की आहट
रविवार को ऐसे ही कल्पना सोरेन के हेलीकॉप्टर को उड़ने की अनुमति नहीं दी गई थी। तीन में से दो सभा को वो संबोधित नहीं कर पाई। इसके बाद कल्पना सोरेन ने इसे सरकार की एक साजिश करार दिया। अब सोमवार को हेमंत सोरेन को सभा में जाने के लिए हेलीकॉप्टर उड़ाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के असम दौरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हेमंत सोरेन के हेलीकॉप्टर को अनुमति नहीं मिली।
असम के चाबुआ विधानसभा के मेरे भाइयों-बहनों से मिलने से भी मुझे रोका गया, लेकिन विरोधियों का ऐसा षड्यंत्र कभी कामयाब नहीं होगा।
सत्ता के घमंड में चूर होकर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है, ताकि सच्चाई जनता तक न पहुंचे। प्रचार रोकना, रास्ता रोकना, यही इनकी… pic.twitter.com/c1NVw2MkWL
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) April 6, 2026
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हेमंत सोरेन ने एक सभा को मंत्री चमरा लिंडा और दूसरी सभा को मंत्री हफीजुल हसन के मोबाइल के माध्यम से संबोधित किया। हेमंत सोरेन ने कहा कि असम की वीर और क्रांतिकारी धरती पर लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने की फिर कोशिशें की गई।कल कल्पना जी को सभा करने से रोका गया, आज मुझे असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा के अपने भाई-बहनों से मिलने नहीं दिया गया। क्या सच में विरोधियों को लगता है कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ऐसे षड्यंत्र से वे तीर-धनुष की ताकत को रोक पाएंगे?इतने वर्षों तक तो चाय बागान के मेरे लाखों शोषित, वंचित आदिवासी समाज के भाइयों बहनों को रोकने की नाकाम कोशिश की है, और कितना रोक पाओगे? इतिहास गवाह है, जब-जब आवाज़ दबाई गई है, वह और बुलंद होकर उभरी है। आगामी 9 अप्रैल के दिन तीर-धनुष पर बटन दबाकर मेरे ये लाखों भाई-बहन अपने संघर्ष का हिसाब लेकर रहेंगे।
असम की क्रांतिकारी धरती ने कभी झुकना नहीं सीखा है।
प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम बताकर आज मुझे प्रचार के लिए जाने नहीं दिया गया। क्या लोकतंत्र अब कार्यक्रमों की आड़ में बंद किया जाएगा?
और यह सब कैसे हो रहा है? संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर, एजेंसियों को हथियार बनाकर।… pic.twitter.com/Sij7k1D1iI
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) April 6, 2026


